मासिक करेंट अफेयर्स

28 April 2018

विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 138वें स्थान पर

अंतरराष्ट्रीय संस्था, रिपोर्टर्स विदऑउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) द्वारा 25 अप्रैल 2018 को विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक-2018 रिपोर्ट जारी की गयी. इस रिपोर्ट में भारत की रैकिंग पिछले वर्ष की तुलना में दो स्थान गिरकर 138वें स्थान पर पहुंच गई है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में सोशल मीडिया नेटवर्क द्वारा पत्रकारों के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है तथा उनके खिलाफ हिंसक घटनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है. भारत 2017 में 136 वें स्थान पर था और अब दो अंक कम होकर 138 पर पहुंच गया है. इस सर्वेक्षण में
कुल 180 देशों को शामिल किया गया है.

इस सर्वेक्षण के अनुसार मौजूदा केंद्र सरकार के समर्थकों द्वारा सोशल नेटवर्क पर पत्रकारों पर निशाना साधा जाता है और नफरत वाले बयानों को बढ़ावा दिया जाता है. कट्टरवादी राष्ट्रवादियों के ऑनलाइन अभियानों का पत्रकार तेजी से निशाना बन रहे हैं. साथ ही कट्टर राष्ट्रवादी शारीरिक हिंसा की धमकी देते हैं. सरकार के अत्यधिक आलोचक पत्रकारों को चुप कराने के लिए अभियोग का भी इस्तेमाल किया गया. कुछ अभियोग पक्ष ने दंड संहिता की धारा 124ए का हवाला दिया, जिसके तहत ‘राज द्रोह’ की सजा उम्र कैद है.

इस रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस व चीन पर मीडिया विरोधी रवैया अपनाने व सक्रिय रूप से प्रेस की आजादी पर नियंत्रण की मांग करने का आरोप लगाया गया है और इस रिपोर्ट में उत्तर कोरिया अंतिम 180वें स्थान पर है जहां प्रेस की स्वतंत्रता पूरी तरह से सरकार के हाथों में बताई गई है. सूची में संयुक्त राज्य अमेरिका 45वें स्थान पर है तथा उसे 23.73 अंक प्राप्त हुए हैं.

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