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13 April 2018

भारत के जीडीपी में इस वर्ष 7.3%, अगले वर्ष 7.6% की वृद्धि का अनुमान : एडीबी

देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है. वहीं, अगले वित्त वर्ष में यह बढ़कर 7.6 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी. इससे भारत का एशिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का दर्जा कायम रहेगा. मनीला के एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की एशियन डेवलपमेंट 2018 की रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है. देश में लागू हुए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) और सरकार की तरफ से किए जा रहे बैंकिंग सुधारों से ग्रोथ को रफ्तार मिलने की उम्मीद है. एडीबी के मुताबिक, ‘व्यापार को लेकर जोखिम काफी ऊंचा है’. इसकी प्रतिक्रिया में की गई कार्रवाई से आगे चलकर एशियाई क्षेत्र की वृद्धि दर प्रभावित हो सकती है. हालांकि, जीएसटी और बैंकिंग
सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी. बीते वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रही थी. अर्थव्यवस्था को 2016 में की गई नोटबंदी के प्रभावों से जूझना पड़ा. वहीं जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों को इससे संयोजन बैठाने के लिए काफी प्रयास करने पड़े. वहीं, कृषि क्षेत्र की स्थिति भी कमजोर रही. 2016-17 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही थी.

एडीबी ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के दौरान भारत में ग्रोथ की रफ्तार 7.3 फीसदी का अनुमान जताया जो रेटिंग एजेंसी फिच के अनुमान के आसपास है लेकिन आरबीआई के अनुमान 7.4 फीसदी से कम है. हालांकि, अनुमानित ग्रोथ से पिछले दो साल से वृद्धि दर में गिरावट के सिलसिले को पलटा जा सकेगा. एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री यासूयुकी सावादा ने कहा, ‘लघु अवधि में कुछ नुकसान के बावजूद हाल में लागू किए गए जीएसटी से भविष्य में देश की वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा.’ सावादा ने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ने और सरकार के कारोबार की स्थिति को सुगम करने के प्रयासों से भी वृद्धि की रफ्तार तेज होगी. इस साल विकास दर में बढ़ोतरी होने का अनुमान है. 

 एडीबी के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में खपत बढ़ने, निजी निवेश में बढ़ोतरी होने, एक्सपोर्ट सामान्य रहने और शहरी इलाकों में खपत की ग्रोथ स्थिर रहने से आने वाले दिनों में विकास दर में बढ़ोतरी होगी. हालांकि एडीबी ने आगे चलकर देश में महंगाई में बढ़ोतरी होने की आशंका भी जताई है. एडीबी के मुताबिक, ग्लोबल प्राइस में तेजी और घरेलू डिमांड में मजबूती से फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के दौरान भारत में महंगाई दर 4.6 फीसदी और 2018-19 के दौरान 5 फीसदी रहने का अनुमान है.

चीन के बारे में एडीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह 2017 के 6.9 प्रतिशत से घटकर इस साल 6.6 प्रतिशत पर आ जाएगी. 2019 में यह घटकर 6.4 प्रतिशत रह जाएगी. एडीबी इंडिया के कंट्री निदेशक केनिची योकोयामा ने कहा कि भारत एशिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा. योकोयामा ने कहा कि बैंकों के डूबे कर्ज और कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने जैसे मुद्दे बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा आयात शुल्क वृद्धि का अधिक प्रभाव नहीं होगा, लेकिन भारत को सतर्क रहने की जरूरत है.

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