मासिक करेंट अफेयर्स

26 April 2018

सुषमा स्वराज ने भारत-मंगोलिया संयुक्त समिति की बैठक में भाग लिया

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उलानबातर में मंगोलियाई समकक्ष दमदीन त्सोगबातर के साथ भारत-मंगोलिया संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक के छठवें दौर की सह-अध्यक्षता की. बैठक में व्यापार, आर्थिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक सहयोग पर चर्चा की गई. श्रीमती स्वराज 42 वर्षों में देश का दौरा करने वाली पहली भारतीय विदेश मंत्री बनी. बैठक के बाद भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके मंगोलियाई समकक्ष डी सोगबटोर ने संयुक्त वक्तव्य में कहा की भारत और मंगोलिया आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमत हैं. यह सहयोग बुनियादी ढांचे के विकास, ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र में होगा. मंगोलिया के प्राकृतिक संसाधन भारत के विकास के रास्ते को मजबूत करेंगे. संपर्क बढ़ाने को दोनों देशों के बीच सीधी विमान सेवा की संभावनाएं तलाशी जाएंगी.
 दोनों नेताओं ने कहा, आपसी हितों के सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की हमारी योजना है. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा. बुधवार को सुषमा ने मंगोलिया के प्रधानमंत्री यू खुरेलसुख से भी मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की. भारत का मानना है कि पूर्वी एशिया में स्थायित्व के लिए मंगोलिया में शांति और संपन्नता आवश्यक है. संयुक्त समिति की बैठक में दोनों देशों ने वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की. आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई में भी साथ रहने का संकल्प जताया. बैठक में दोनों देशों के सहयोग से चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और उन्हें गति देने का फैसला किया गया.

इस दौरान मंगोलिया में एक अरब डॉलर (करीब सात हजार करोड़ रुपये) के भारतीय कर्ज से बन रहे तेल शोधक कारखाने की प्रगति पर खासतौर पर चर्चा हुई. सुषमा स्वराज ने कहा, हम अधिकारियों को निर्देश देंगे कि सहयोग वाले सभी प्रोजेक्ट पर तेज गति से काम हो. अगर कहीं बाधा आ रही है तो उसे व्यावहारिक नजरिये से खत्म किया जाए. सुषमा स्वराज ने कहा कि मंगोलिया भारत का राजनीतिक रूप से ही सहयोगी नहीं है बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी हम नजदीक हैं. हमारे लंबे ऐतिहासिक संबंध रहे हैं. मंगोलिया की मजबूत बौद्ध विरासत उसे भारत के करीब लाती है. कम्युनिस्ट देशों के अतिरिक्त भारत उन शुरुआती देशों में था जिसने मंगोलिया के साथ कूटनीतिक संबंध कायम किए और आगे बढ़ाए.

No comments:

Post a comment