मासिक करेंट अफेयर्स

06 April 2018

भारतीय रिजर्व बैंक ने जारी किया पहला द्वि-मासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य

आम बजट के बाद मौद्रिक नीति की पहली समीक्षा के बाद रिजर्व बैंक की कमिटी ने प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया. इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रीपो रेट 6 प्रतिशत पर बरकरार रखा. वहीं, रिवर्स रीपो रेट 5.75 प्रतिशत जबकि सीआरआर 4 प्रतिशत और एसएलआर 19.5% पर कायम रखा गया है. बैंकों को जिस ब्याज दर पर रिजर्व बैंक तात्कालिक आवश्यकता के लिए धन उपलब्ध कराता है उसे रीपो रेट कहते हैं। रिवर्स रीपो रेट, रीपो रेट से उलटा होता है. बैंकों को अपनी जमा राशि के लिए रिजर्व बैंक से जिस दर पर ब्याज मिलता है उसे रिवर्स रेपो रेट कहा जाता है.
 

रिजर्व बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष में महंगाई दर का अनुमान
घटाकर 4.7% से 5.1% कर दिया, पहले महंगाई दर 5.1%-5.6% रहने का अनुमान जताया गया था. केंद्रीय बैंक के अनुसार, पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2018 के दौरान महंगाई के 4.7% से 5.1% जबकि दूसरी छमाही यानी अक्टूबर 2018 से मार्च 2019 के दौरान महंगाई 4.4% रहने का अनुमान जताया गया है. आरबीआई का अनुमान है कि पहली तिमाही में महंगाई 5.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत जबकि तीसरी तिमाही में यह 4.4 प्रतिशत रहेगी.
 

RBI लाएगा अपनी डिजिटल करंसी :
हालांकि रिजर्व बैंक ने कहा कि डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में वर्चुअल करंसी के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है. इसलिए, आरबीआई की ओर से डिजिटल करंसी  जारी करने की संभावना टटोली जा रही है. इसके लिए एक समिति का निर्माण किया गया है जो इस मुद्दे पर रिजर्व बैंक को गाइड करेगी. बिटकॉइन या किसी भी तरह की वर्चुअल करंसी के मामले में आरबीआई से रेग्युलेटेड कोई भी एजेंसी किसी तरह की सर्विस नहीं देगी और नहीं सपॉर्ट करेगी. यानी, स्पष्ट है कि सरकार के निर्देशों के मुताबिक देश में बिटकॉइन जैसी डिजिटल करंसीज को अभी मान्यता मिलने की गुंजाइश दूर-दूर तक नहीं है.


 छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक ऐसे समय हुई है जबकि सरकार ने जोर देकर कहा है कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटा और राजस्व घाटा आम बजट के संशोधित अनुमान से कम रहेगा. ध्यान रहे कि पिछले महीने अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए संकेत दिया है कि 2018 में वह दो बार और ब्याज दरें बढ़ाएगा.

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