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22 April 2018

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने स्थानीय निकायों के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान को मंजूरी दी

गांवों के ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के पुनर्गठन को मंजूूरी दी है. इसके तहत अगले चार सालों में गांवों के विकास पर 7255 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे. इनमें करीब 45 सौ करोड़ रुपए केंद्र और करीब 27 सौ करोड़ रुपए राज्य सरकार देगी. पुनर्गठन के बाद तैयार की गई इस नई योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को मध्य प्रदेश के मांडला जिले से करेंगे. प्रधानमंत्री इसी दिन देश भर की ग्राम सभाओं को भी सीधे संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने योजना के पुनर्गठन को यह मंजूरी
दी है. योजना के नए स्वरूप के तहत ग्राम पंचायतों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाया जाएगा. साथ ही ग्राम पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता लाने पर भी जोर रहेगा. सरकार ने योजना के इस पुनर्गठन का एलान वर्ष 2017-18 के बजट में ही किया था. इसके बाद से मंत्रालय इसकी तैयारी में जुटा हुआ था.

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने योजना के पुनर्गठन की जानकारी देते हुए बताया कि इससे गांव के विकास में मदद मिलेगी. साथ ही इसकी मदद से गांवों में एक ऐसा ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके. योजना के उद्देश्य पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि शहरों की तरह प्रत्येक पंचायतों का एक विकास का एक प्लान तैयार हो. हाल ही में इसे लेकर कोशिश शुरू की गई है. इसके तहत करीब ढाई लाख पंचायतों में अपने विकास के प्लान सरकार को सौंपे हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हालांकि अभी ग्राम पंचायतों की तरफ से जो प्लान आए है, वह बहुत अच्छे नहीं हैं. उनमें काफी कमी है, लेकिन यह शुरुआती चरण है. आने वाले दिनों में इसे और बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए पंचायतों को प्रोत्साहित किया जाएगा.

पृष्‍ठभूमि: वित्‍त मंत्री ने 2016-17 के अपने बजट भाषण में सतत विकास लक्ष्‍यों पर कार्य करने के लिए पंचायती राज संस्‍थानों की शासन क्षमता विकि‍सत करने के लिए पुनर्गठित राष्‍ट्रीय ग्राम स्‍वराज अभियान (आरजीएसए) योजना की घोषणा की थी. मंत्रालय की वर्तमान योजना को राष्‍ट्रीय ग्राम स्‍वराज अभियान के रूप में नया रूप देने के लिए नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष की अध्‍यक्षता में एक समिति बनाई गई थी. समिति ने विभिन्‍न हितधारकों के साथ अनेक बैठकें की और परामर्श किया. समिति ने अनेक सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट दी जिसे सरकार द्वारा स्‍वीकार किया गया और यह योजना बनाने का आधार बना. 2017-18 के अपने बजट भाषण में वित्‍त मंत्री ने 50 हजार ग्राम पंचायतों को गरीबी मुक्‍त बनाने के लिए 1 करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर लाने के लिए मिशन अंत्‍योदय की घोषणा की थी. इसी के अनुसार मिशन अंत्‍योदय का इस योजना के साथ एकीकरण किया गया है.

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