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25 April 2018

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस प्रत्येक वर्ष 24 अप्रॅल को मनाया जाता है. पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम, तहसील, तालुका और ज़िला आते हैं. ज्ञातव्य है कि 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के तहत पंचायती राज को ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तरीय पंचायतों के माध्यम से संस्थागत स्वरूप प्रदान किया गया. यह अधिनियम 24 अप्रैल, 1993 से लागू हुआ. अतः इसी दिन की वर्षगांठ के रूप में प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जाता है. पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस वर्ष 2010 में मनाया गया था. गौरतलब है कि 73वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संविधान में एक नया अध्याय 9 और 11वीं अनुसूची जोड़ी गई.

भारत में प्राचीन काल से ही पंचायती राजव्यवस्था अस्तित्व में रही है, भले ही इसे विभिन्न नाम से विभिन्न
काल में जाना जाता रहा हो. पंचायती राज व्यवस्था को कमोबेश मुग़ल काल तथा ब्रिटिश काल में भी जारी रखा गया. ब्रिटिश शासन काल में 1882 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड रिपन ने स्थानीय स्वायत्त शासन की स्थापना का प्रयास किया था, लेकिन वह सफल नहीं हो सका. ब्रिटिश शासकों ने स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं की स्थिति पर जाँच करने तथा उसके सम्बन्ध में सिफ़ारिश करने के लिए 1882 तथा 1907 में शाही आयोग का गठन किया. इस आयोग ने स्वायत्त संस्थाओं के विकास पर बल दिया, जिसके कारण 1920 में संयुक्त प्रान्त, असम, बंगाल, बिहार, मद्रास और पंजाब में पंचायतों की स्थापना के लिए क़ानून बनाये गये. स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान भी संघर्षरत लोगों के नेताओं द्वारा सदैव पंचायती राज की स्थापना की मांग की जाती रही.

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