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11 April 2018

मोदी ने किया भारत की प्रथम ऑल-इलेक्ट्रिक हाई-स्पीड ट्रेन का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार में 12000 हॉर्सपावर (एचपी) के बिजली के रेल इंजन को हरी झंडी दिखाई. इतनी ताकत वाला यह देश का पहला रेल इंजन है. भारत अब चीन, जर्मनी और स्वीडन समेत उन देशों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है, जिनके पास 12,000 एचपी या इससे ज्यादा की क्षमता वाले रेल इंजन हैं. फिलहाल, भारतीय रेल के पास अब तक सबसे ज्यादा क्षमता वाला 6,000 एचपी का रेल इंजन था लेकिन अब1200 हॉर्सपावर के रेल इंजन होगा. पीएम ने इनके अलावा कटिहार-दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस का शुभारंभ किया. मुजफ्फरपुर-सुगौली-वाल्मीकिनगर रेलखंड का शिलान्यास किया.
 
रेलवे और फ्रांस की कंपनी एल्सताम की साझेदारी में यह देश का पहला संयुक्त रेल इंजन कारखाना है. इसके लिए 2015 में समझौता हुआ और रेल क्षेत्र में यह अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है. परियोजना के तहत ज्वाइंट वेंचर कंपनी इसमें 1,300 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश कर रही है. इसमें रेलवे 26 प्रतिशत की भागीदार और 100 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी का योगदान कर रही है. भारतीय रेल इस कारखाने से 11 साल में 800 इंजन खरीदेगी. 2019 तक पहले पांच इंजन एसेंबल किए जाएंगे जबकि बाकी 800 इंजन का विनिर्माण मेक इन इंडिया के तहत किया जाएगा. कारखाने में 2021-22 से सालाना 100 इलेक्ट्रिक इंजन का विनिर्माण किया जाएगा. मंत्रालय के मुताबिक, 20000 करोड़ रुपए से अधिक अनुमानित लागत वाले इस कारखाने में 35 से अधिक इंजीनियरों का दल दिन-रात इंजन एसेंबल के काम में लगा है. लगभग 250 एकड़ क्षेत्र में फैली कारखाने की आधारशिला 2007 में रेल मंत्री लालू प्रसाद ने रखी थी.

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