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09 May 2018

इजराइल सुरक्षा परिषद की सदस्यता की दौड़ से बाहर, बेल्जियम- जर्मनी का रास्ता साफ

सुरक्षा परिषद की सदस्यता की दौड़ से इजरायल दो साल (2019-20) के लिए बाहर हो गया है. इससे बेल्जियम और जर्मनी के लिए क्षेत्रीय आधार पर आवंटित दो सीटें लेने का रास्ता साफ हुआ है. बता दें कि आम सभा अगले महीने चुनाव आयोजित करेगी. दरअसल, सुरक्षा परिषद में पश्चिमी यूरोपीय तथा अन्य क्षेत्रीय समूहों को आवंटित की गई दो सीटों के लिए इजरायल, जर्मनी और बेल्जियम के बीच कड़ा मुकाबला था. जीत की संभावना कम होती देख इजरायल ने अपना नाम वापस ले लिया है. इजराइली यूएन मिशन के एक बयान में कहा कि शुक्रवार दोपहर संयुक्त राष्ट्र में तीन उम्मीदवारों के बीच बहस के कुछ समय पहले ही इस फैसले की घोषणा की थी. मिशन की ओर से कहा
गया, 'हमारे अच्छे दोस्तों सहित हमारे भागीदारों से परामर्श करने के बाद इजरायल ने सुरक्षा परिषद पर सीट के लिए अपनी उम्मीदवारी स्थगित करने का फैसला किया है.' इजराइल मिशन ने कहा, 'हम अपने सहयोगियों के साथ कार्य करना जारी रखेंगे ताकि इजरायल को संयुक्त राष्ट्र में निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में पूर्ण भागीदारी और समावेशन के अधिकार का एहसास हो सके. इसमें सुरक्षा परिषद के साथ-साथ विकास और नवाचार से संबंधित क्षेत्रों पर जोर भी शामिल है.'

बता दें कि परिषद में गैर-स्थायी सीटों को क्षेत्रीय रूप से वितरित किया जाता है और इजरायल (जो पश्चिमी यूरोपीय और अन्य समूह WEOG में आता है) ने 2019-2020 अवधि के लिए समूह की दो सीटों में से एक पर लड़ने की योजना बनाई थी. इजरायल का परिषद में सीट जीतने का यह पहला प्रयास था. राजनयिकों ने कहा कि हाल के हफ्तों में यह स्पष्ट हो गया था कि 8 जून को जनरल असेंबली वोट में इजरायल, जर्मनी और बेल्जियम से हार जाएगा. पिछले महीने फिलीस्तीनी विदेश मंत्री रियाद अल-मालिकी ने कहा था कि इजरायल को हराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे थे. रियाद में एक अरब शिखर सम्मेलन के दौरान मलिकी ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि अरब और मुस्लिम राज्यों को इजरायल की उम्मीदवारी को रोकने के लिए पर्याप्त वोट मिलेगा. दक्षिण अफ्रीका और डोमिनिकन गणराज्य चुनाव के लिए पांच सीटों में से दो जीतने के लिए तैयार हैं. इंडोनेशिया और मालदीव देश के एशिया-प्रशांत समूह का प्रतिनिधित्व करने वाली एक सीट के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे. 

सुरक्षा परिषद पांच स्थायी सदस्यों – ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका से बना है जबकि बाकी के दस सदस्य क्षेत्रीय आधार के अनुसार दो साल की अवधि के लिए समान्य सभा द्वारा चुने जाते है. गौरतलब है कि सुरक्षा परिषद के पांच नए अस्थानी सदस्यों के चुनाव के लिए अगले महीने 193 सदस्यीय महासभा में मतदान होगा. चुने गए नए सदस्यों का कार्यकाल 2019-20 तक दो वर्ष के लिए होगा.

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