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20 June 2018

विश्व शरणार्थी दिवस

विश्व शरणार्थी दिवस हर साल 20 जून को लाखों शरणार्थियों की ताकत, साहस और दृढ़ता मनाने के लिए आयोजित मनाया जाता है. विश्व शरणार्थी दिवस 2018 का विषय है: ‘Now More Than Ever, We Need to Stand with Refugees’. इस साल, विश्व शरणार्थी दिवस जनता के लिए पलायन करने वाले परिवारों के समर्थन को चिन्हित करने के लिए मनाया जा रहा है. यह दिवस प्रत्येक वर्ष 20 जून को उन लोगों के साहस, शक्ति और संकल्प के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है, जिन्हें प्रताड़ना, संघर्ष और हिंसा की चुनौतियों के कारण अपना देश छोड़कर बाहर भागने को मजबूर होना पड़ता है. शरणार्थियों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित करने
और शरणार्थी समस्याओं को हल करने के लिए ही यह दिवस मनाया जाता है.

इस मौके पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए यूएनएचसीआर ने कहा कि विस्थापन से विकासशील देश जबर्दस्त ढंग से प्रभावित हो रहे हैं. दुनिया भर में युद्ध, अन्य हिंसाओं और अत्याचार के कारण विस्थापन के लिए मजबूर हुए लोगों की संख्या 2017 में एक नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई. 2017 में 6.85 करोड़ लोग विस्थापन को मजबूर हुए, जो पिछले साल के मुकाबले 29 लाख ज्यादा थे. संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर ने मंगलवार को यह जानकारी दी. शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने कहा, "इसमें लगातार पांचवें साल वृद्धि दर्ज की गई और साथ ही यह तब की सबसे ज्यादा संख्या वाला वर्ष है."

एक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया, "इस विस्थापन का नेतृत्व डेमोक्रेटिक रीपब्लिक ऑफ द कांगो, दक्षिणी सूडान के युद्ध और म्यांमार के हजारों की संख्या में बांग्लादेश भागे रोहिंग्या शरणार्थियों ने किया." यूएनएचसीआर ने कहा, "इससे विकासशील देश जबर्दस्त ढंग से अधिक प्रभावित हो रहे हैं." उन्होंने कहा कि शरणार्थियों पर नया वैश्विक समझौता महत्वपूर्ण था जब उन्होंने वार्षिक रिपोर्ट जारी की थी. यह रिपोर्ट विश्व शरणार्थी दिवस की शाम को जारी की गई. यह दिवस 20 जून को मनाया जाता है ताकि शरणार्थियों को सम्मान दिया जाए और सरकारों को उनके लिए मिलकर काम करने की याद दिलाई जाए.

यूएनएचसीआर ने अपनी सालाना ग्लोबल ट्रेंडस रिपोर्ट में कहा कि 2017 के अंत तक 6.85 करोड़ लोग विस्थापित हुए थे. संकट और अत्याचार के कारण अपना देश छोड़कर भागने वाले शरणार्थियों की संख्या कुल 2.54 करोड़ थी. रिपोर्ट में कहा गया, "संक्षेप में, दुनिया भर में विस्थापन के लिए मजबूर हुए लोगों की संख्या थाईलैंड की आबादी के समान है. सभी देशों में, हर 110 व्यक्तियों में से एक विस्थापित होता है."

दिसंबर 2000 में संयुक्त राष्ट्र ने अफ्रीका शरणार्थी दिवस यानी 20 जून को प्रतिवर्ष विश्व शरणार्थी दिवस मनाने का निर्णय लिया. वर्ष 2001 से प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जा रहा है. इस दिन को मनाने का मुख्य कारण लोगों में जागरुकता फैलानी है कि कोई भी इंसान अमान्य नहीं होता फिर चाहे वह किसी भी देश का हो. एकता और समंवय की भावना रखते हुए हमें सभी को मान्यता देनी चाहिए. म्यांमार, लीबिया, सीरिया, अफ़ग़ानिस्तान, मलेशिया, यूनान और अधिकांश अफ़्रीकी देशों से हर साल लाखों नागरिक दूसरे देशों में शरणार्थी के रूप में शरण लेते हैं. संयुक्त राष्ट्र की संस्था यू.एन.एच.सी.आर. (United Nations High Commissioner for Refugees) शरणार्थी लोगों की सहायता करती है.

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