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17 June 2018

विश्व रक्तदाता दिवस

हर साल, 14 जून को, दुनिया भर में विश्व रक्त दाता दिवस मनाया जाता है. विश्व रक्त दाताओं दिवस 2018 का विषय है ‘Be there for someone else. Give blood. Share life’. यह कार्यक्रम रक्त देकर जीवन बचाने वाले स्वैच्छिक, अवैतनिक रक्त दाताओं का धन्यवाद करता है और नियमित रक्त दान की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी मनाया जाता है. इसे हर वर्ष 14 जून को 1868 में पैदा हुए कार्ल लैंडस्टेनर के जन्मदिन पर मनाया जाता है. स्वस्थ व्यक्ति के द्वारा स्वेच्छा से और बिना पैसे के सुरक्षित रक्त दाता (इसके उत्पाद सहित) की जरुरत के बारे में लोगों की जागरुकता बढ़ाने के लक्ष्य से वर्ष 2004 में पहली बार इस कार्यक्रम को मनाने की शुरुआत की गयी थी. रक्त दाता इस दिन एक मुख्य भूमिका में
होता है क्योंकि वो जरुरतमंद व्यक्ति को जीवन बचाने वाला रक्त दान करते हैं.

वर्ष 2004 में “विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस संघ तथा रेड क्रिसेंट समाज” के द्वारा 14 जून को वार्षिक तौर पर मनाने के लिये पहली बार इसकी शुरुआत और स्थापना हुयी. पर्याप्त रक्त आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिये सुरक्षित और बिना भुगतान वाले रक्त दाता, स्वेच्छा से रक्त-दान देने वाले को बढ़ावा देने, अपने बहुमूल्य कदम के लिये रक्त-दान करने वाले को धन्यवाद कहने के लिये पूरे विश्व के सभी देशों को प्रोत्साहित करने के लिये 58वें विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन में 2005 में मई महीने में इसके 192 सदस्य राज्यों के साथ डबल्यूएचओ के द्वारा विश्व रक्त दाता दिवस की आधिकारिक रुप से स्थापना की गयी थी.

पूरी दुनिया में कहीं भी जरुरतमंद व्यक्ति के लिये रक्त-आधान और रक्त उत्पाद आधान की जरुरत को पूरा करने के लिये विश्व रक्त दाता दिवस मनाया जाता है. ये अभियान हर साल लाखों लोगों की जान बचाता है और रक्त प्राप्त करने वाले व्यक्ति के चेहरे पर एक प्राकृतिक मुस्कुराहट देता है. रक्त-आधान लंबे और गुणवत्तापूर्ण जीवन जीने के लिये उन्हें प्रेरित करता है और कई प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी जीवन से जुड़े खतरों से पीड़ित मरीज को मदद प्रदान करता है. ये पूरे विश्वभर में ढ़ेर सारी जटिल मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रिया को सुलझा देता है. गर्भावस्था से पहले और बाद के दौरान महिलाओं का ध्यान रखने के लिये ये अभियान एक बड़ी जीवन बचाने वाली भूमिका निभाता है.

दान दिये गये रक्त का इस्तेमाल गंभीर रुप से रक्त की कमी से जूझ रही महिला, बच्चे, दुर्घटना के दौरान अत्यधिक खून बह जाने के बाद पीड़ीत को, सर्जिकल मरीज को, कैंसर पीड़ीत को, थैलेस्सेमिया मरीज को, हिमोफिलीया से पीड़ीत लोग, लाल खून की कोशिका की कमी, खून की गड़बड़ी, खून का थक्के की गड़बड़ी से जूझ रहे लोगों को दिया जाता है. उचित दान के लिये पर्याप्त रक्त के प्रबंधन के दौरान बहुत सारे जीवन के खतरों की चुनौतियों का सामना एक पर्याप्त रक्त आपूर्ति से रहित जगह करती है. खून की पर्याप्त आपूर्ति और इसके उत्पादों को स्व-प्रेरित, बिना भुगतान वाले और स्वैच्छिक रक्त दाताओं के द्वारा नियमित और सुरक्षित दान के द्वारा ही केवल पूरा किया जा सकता है.

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