मासिक करेंट अफेयर्स

11 July 2018

'डाटा फॉर न्यू इंडिया' पर अंतर्राष्ट्रीय गोल मेज सम्मेलन आयोजित

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने नई दिल्ली में 'डाटा फॉर न्यू इंडिया' पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गोल मेज सम्मेलन का आयोजन किया है. गोल मेज सम्मेलन का उद्देश्य कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे उन्नत देशों में किए गए सर्वोत्तम अभ्यासों से संकेत लेते हुए भारत में सांख्यिकीय प्रणाली में में सुधार के लिए अभिनव विचारों की पहचान करना था. इस तरह का सम्मेलन पहली बार भारत में आयोजित किया गया. सम्मेलन का उद्घाटन डी.वी.सदनंद गौड़ा, केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री द्वारा किया गया. इस अवसर पर उन्होंने कहा की आप सभी इस तथ्‍य से अवगत हैं कि विकास से जुड़ी गतिविधियों में सरकार की भूमिका बढ़ने के साथ ही डेटा अथवा आंकड़ों से संबंधित जरूरतें भी
निरंतर बढ़ती चली जाती हैं. ‘सबका साथ सबका विकास’ एजेंडे को ध्‍यान में रखते हुए हमारी सरकार ने मेक इन इंडिया, कौशल भारत, स्‍टार्ट-अप इंडिया, स्‍मार्ट सिटी, स्‍वच्‍छ भारत और ‘नए भारत’ के लिए सामाजिक-आर्थिक बदलाव हेतु जीएसटीएन जैसे अनेक नए कार्यक्रम शुरू किए हैं. 

उन्होंने कहा की हमारी सरकार ने विकास पर अपना ध्‍यान केन्द्रित रखने के लिए 115 आकांक्षी जिलों की पहचान की है. इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उन्‍हें और ज्‍यादा प्रभावकारी एवं उद्देश्‍य उन्‍मुख बनाने में आधिकारिक आंकड़ों की मजबूत प्रणाली महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्‍योंकि उपयोगी अथवा परिणामी डेटा की जरूरतें कई गुना बढ़ गई हैं. नीति निर्माताओं के लिए वे आंकड़े अत्‍यधिक लाभप्रद साबित होते हैं, जो नीतिगत निर्णयों के लिए प्रासंगिक, स‍टीक, सामयिक और विश्‍वसनीय हों। सार्वजनिक अथवा निजी संस्‍थान विभिन्‍न मसलों पर सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए एक ठोस बुनियाद के रूप में उच्‍च गुणवत्‍ता वाले एवं सार्वजनिक तौर पर उपलब्‍ध आंकड़ों पर अत्‍यधिक भरोसा करते हैं. गवर्नेंस की लोकतांत्रिक प्रणाली की सफलता उन आंकड़ों के निर्बाध प्रवाह पर निर्भर करती है, जिनका उपयोग देश के नागरिक सरकारी निर्णयों अथवा कार्यकलापों के आकलन में कर सकते हैं.

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