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09 July 2018

श्रीलंका के साथ मिलकर भारत चलाएगा दुनिया का सबसे खाली हवाईअड्डा

मताला राजपक्षे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (MRIA) को श्रीलंका-भारत संयुक्त उद्यम के रूप में संचालित किया जाएगा. कोलंबो के 241 किमी दक्षिण-पूर्व में $ 210 मिलियन की सुविधा वाले हवाई अड्डे को उड़ानों की कमी के कारण "दुनिया का सबसे खाली हवाई अड्डा" कहा जाता है. भारत श्रीलंका-भारत संयुक्त उद्यम के रूप में हवाई अड्डे का संचालन करेगा. संयुक्त उद्यम से भारत को हवाईअड्डे का एक बड़ा हिस्सा मिलेगा. वर्तमान में, यह 20 अरब रुपये के भारी नुकसान में चल रहा है.

मट्टाला हवाईअड्डे का नाम श्रीलंका के पूर्वराष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के नाम पर रखा गया है. यह एक चीन समर्थित परियोजना थी. उड़ानों की कमी होने की वजह से 21 करोड़ डॉलर की लागत से तैयार यह हवाईअड्डा दुनिया का सबसे खाली रहने वाला हवाईअड्डा बन गया. यहां से उड़ने वाली एकमात्र अंतरराष्ट्रीय उड़ान को भी घाटे और उड़ान सुरक्षा मुद्दो के चलते मई में स्थगित कर दिया गया. 

सरकार ने 2017 में इस हवाईअड्डे को मुनाफा कमाने वाला बनाने के लिये निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे. हालांकि, इसके लिये कोई प्रस्ताव नहीं मिला था. उधर हंबनटोटा में बना बंदरगाह चीन को पट्टे पर दिया गया है ताकि चीन के कर्ज की भरपाई की जा सके. यह परियोजना भी राजपक्षे की पसंदीदा योजना थी. राजपक्षे के नेतृत्व वाला विपक्ष ने राष्ट्रीय संपदा को चीन को बेचने की बात कहकर सरकार के इस कदम का विरोध कर रहा है.

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