मासिक करेंट अफेयर्स

02 August 2018

असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम मसौदा जारी, लगभग 40 लाख लोगों के नाम नहीं

असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के दूसरे और अंतिम मसौदे को जारी कर दिया गया. एनआरसी में शामिल होने के लिए आवेदन किए 3.29 करोड़ लोगों में से 2.89 करोड़ लोगों के नाम शामिल हैं और इसमें 40-41 लाख लोगों के नाम नहीं हैं. राज्य सरकार का कहना है कि जिनके नाम रजिस्टर में नहीं है उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा. बता दें कि एनआरसी का पहला मसौदा 31 दिसंबर और एक जनवरी को जारी किया गया था, जिसमें 1.9 करोड़ लोगों के नाम थे. इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोगों को बधाई दी और कहा कि यह
ऐतिहासिक दिन हमेशा लोगों की यादों में रहेगा.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ भारत के महापंजीयक के सहयोग से अंतिम मसौदे के प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी की गई. लोगों से अनुरोध किया कि अगर उनके नाम सूची में नहीं हैं तो घबराए नहीं क्योंकि सभी असली आवेदकों को दावों तथा आपत्तियों के लिए पूरा मौका मिलेगा.’ उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि अगर उनके नाम सूची में नहीं है तो वह घबराए नहीं क्योंकि ‘सभी असली आवेदकों को दावों और आपत्तियों के लिए पर्याप्त समय मिलेगा.’ बंदी बनाने के डर को खारिज करते हुए सोनोवाल ने कहा कि अंतिम मसौदे के प्रकाशन के बाद किसी को भी हिरासत केंद्र में नहीं भेजा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एनआरसी पर कोई भी ‘सांप्रदायिक टिप्पणी’ बर्दाश्त नहीं करेगी और लोगों को विभाजनकारी ताकतों के गलत मंसूबों को नाकाम करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए.

इस दौरान भारतीय महापंजीयक शैलेश ने कहा, ‘यह भारत और असम के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. इतने बड़े पैमाने पर कभी ऐसा नहीं हुआ. सीधे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की गई यह एक कानूनी प्रक्रिया है.’ उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और तर्कपूर्ण तरीके से की गई है. एनआरसी में उन सभी भारतीय नागरिकों के नामों को शामिल किया जायेगा जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं. अंतिम मसौदे में जिन लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए उन पर शैलेश ने कहा, ‘मसौदे के संबंध में दावा करने और आपत्ति करने की प्रक्रिया 30 अगस्त से शुरू होगी और 28 सितंबर तक चलेगी. लोगों को आपत्ति जताने की पूर्ण और पर्याप्त गुंजाइश दी जाएगी. किसी भी वास्तविक भारतीय नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है.’ उन्होंने कहा कि एनआरसी की आवेदन प्रक्रिया मई 2015 में शुरू हुई थी और अभी तक पूरे असम से 68.27 लाख परिवारों के द्वारा कुल 6.5 करोड़ दस्तावेज प्राप्त किए गए हैं.

No comments:

Post a comment