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21 August 2018

गाइडेड बम और एंटी टैंक मिसाइल हेलीना का सफल परीक्षण

भारत ने 19 अगस्त 2018 को स्वदेशी गाइडेड बम (निर्देशित बम) स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वेपन्ज और टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल ‘हेलीना’ का राजस्थान के पोखरण में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण डीआरडीओ और भारतीय सेना द्वारा आयोजित किया गया था. मिसाइल का परीक्षण उसके हथियार प्रणाली की पूरी श्रृंखला के लिए किया गया था. स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वेपन्ज युद्धक सामग्री से लैस था और पूरी सटीकता के साथ लक्ष्य पर निशाना साधने में यह सफल रहा. स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वेपन्ज उम्दा दिशासूचक का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न जमीनी लक्ष्यों को तबाह करने में सक्षम है. यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और टेस्ट के दौरान इसने अपने हर टारगेट को हासिल किया. सभी पैरामीटर को टेलिमेटरी स्टेशन, ट्रैकिंग सिस्टम और हेलिकॉप्टर के जरिए मापा गया. मिशन के लॉन्च के दौरान डीआरडीओ, भारतीय सेना के अधिकारी मौजूद रहे.


एंटी टैंक मिसाइल ‘हेलीना’ दुनिया में अत्याधुनिक एंटी टैंक हथियारों में से एक है. इन हथियारों को डीआरडीओ ने विकसित किया है. गाइडेड बम को वायुसेना और हेलिना मिसाइल को सेना के लिए तैयार किया गया है. इस मिसाइल ने सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को भेद डाला. इनको पूर्णरूप से स्‍वदेशी तकनीक से बनाया गया है. इनमें अत्‍याधुनिक तकनीक का इस्‍तेमाल हुआ है. मिसाइल को लॉन्च करने से पहले इनफ्रेयर्ड इमेजिंग सीकर (IIR) के जरिए ऑपरेट किया गया. ये सबसे एडवांस एंटी टैंक सिस्टम है.

स्मार्ट विरोधी एयरफील्ड हथियार (साव) एक लंबी दूरी की परिशुद्धता निर्देशित एंटी एयरफील्ड हथियार है. इसे 100 किलोमीटर (62 मील) की सीमा तक उच्च परिशुद्धता के साथ जमीन के लक्ष्य को मारने के लिए तैयार किया गया है. यह रनवे, बंकर, एयरक्राफ्ट हैंगर को नष्ट करने में भी सक्षम है. साव एक हल्के उच्च परिशुद्धता निर्देशित बम है जिसे मैदान के लक्ष्य को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसका 120 किलोग्राम (260 पाउंड) वजन है. इसकी गहरी पहुंच क्षमता है. यह भारत का पहला पूर्ण स्वदेशी एंटी एयरफ़ील्ड हथियार है. यह पूरी तरह से डीआरडीओ द्वारा तैयार और विकसित किया जा रहा है.

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