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17 September 2018

भारत और अमेरिका के मध्य संयुक्त 'युद्ध अभ्यास 2018' उत्तराखंड में शुरू

रक्षा सहयोग और सामरिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के लिए भारत-अमेरिका के बीच संयुक्त युद्ध अभ्यास 2018 उत्तराखंड के अल्मोडा जिले में बसे चौबटिया में 16 सितंबर 2018 से प्रारम्भ हो गया है. दोनों देशों के जवानों ने अपने-अपने देशों के ध्वजों के साथ सेना के चौबटिया मैदान में अमेरिकन मेजर जनरल विलयम ग्राह्म और भारतीय सेना 99 ब्रिगेड के मेजर जनरल कविंद्र सिंह को सलामी दी. दोनों अधिकारियों ने परेड का संयुक्त निरीक्षण किया, इसके बाद दोनों देशों के जवानों ने चैबटिया और आस पास के वन क्षेत्रों में चलने वाले इस युद्ध अभ्यास में भाग लिया. युद्ध अभ्यास-2018 सबसे लंबे चलने वाले संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यासों में से एक है और भारत तथा अमेरिका के बीच एक प्रमुख दि्वपक्षीय रक्षा सहयोग प्रयास है.

संयुक्त सैन्याभ्यास पर्वतीय जटिल परिस्थितियों में काउंटर इंसर्जेसी और काउंटर आतंकवाद के तहत दोनों गणतांत्रिक देशों के बीच यह 14वां सैन्याभ्यास है. इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्वाधान में एक-दूसरे की सेनाओं को आतंकवाद के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन के लिए और अधिक सक्षम बनाना है. इस युद्धाभ्यास का मकसद दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियां एक-दूसरे की संगठनात्मक, हथियारों और सैन्य उपकरणों से रूबरू होना है. वहीं परस्पर रणनीतिक, तकनीकि से आंतवाद से निबटने के लिए तैयारी करना है. दो सप्ताह तक चलने वाले इस संयुक्त युद्धाभ्यास में अमेरिकी सेना की लगभग 350 सैन्य कर्मियों की टुकड़ी और इतनी ही संख्या में भारतीय सेना के कांगो ब्रिगेड की टुकड़ी भाग ले रही है. संयुक्त युद्धाभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग एवं सामरिक रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 

युद्धाभ्यास के समापन पर दोनों राष्ट्रों के सैनिक एक-दूसरे की संगठन संरचना, हथियार, उपकरण और टेक्निकल ड्रिल के विषय में जानकारी के साथ आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन का प्रदर्शन करेंगे. साथ ही ब्रिगेड मुख्यालय स्तरीय कमान पोस्ट, फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास के साथ दोनों सैन्य विशेषज्ञ आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे. इस युद्धाभ्यास को दो गणतांत्रिक देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दोनों देशों के जवानों ने एक दूसरे से मिलकर अपने अनुभवों को भी साझा किया. भारत और अमेरिका की सेनाओ के पास उग्रवाद और आंतकवाद विरोधी अभियान संचालन का विशाल अनुभव है और विविधतापूर्ण वातावरण में एक दूसरे के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास और सैन्य कार्यक्रम को सांझा करने की बड़ी अहमियत है. यह अभ्यास दो लोकतांत्रिक देशो की सेनाओ को एक साथ सैन्य प्रशिक्षण लेने और एक दूसरे के संचालन अनुभव को सांझा करने का बेहतर अवसर प्रदान करेगा.

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