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27 September 2018

सरकार ने टी-72 टैंकों के लिए 1000 इंजनों की खरीद को मंजूरी प्रदान की

केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के प्रमुख युद्धक टैंक टी-72 के लिए 1,000 इंजन की खरीद को मंजूरी दी है जिस पर 23,000 करोड रूपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया है. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में इस खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. परिषद ने रक्षा सौदों के अमल में होने वाली देरी और प्रक्रियागत जटिलताओं को कम करने के लिए रक्षा खरीद प्रक्रिया में कुछ संशोधनों को भी मंजूरी दी. इन इंजनों की खरीद से टी-72 टैंकों में गतिशीलता, फुर्ती और गति में इजाफा होगा और युद्ध क्षेत्र में वे और
ज्यादा प्रभावशाली साबित होंगे.
मंत्रालय के अनुसार टी-72 टैंकों में लगाए जाने वाले 1,000 बीएचपी के 1,000 इंजनों की खरीद को मंजूरी दी गई है. इस पर तकरीबन 2300 करोड़ रूपये की लागत आएगी. केंद्रीय सैन्य पुलिस बल (सीएपीएफ) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) जैसे अन्य संगठनों की खरीद को शामिल कर लिया गया है. इससे रक्षा सौदों को अमली जामा पहनाने में लगने वाले समय में कमी आयेगी. इसके अलावा रक्षा खरीद परिषद ने इस तरह की खरीदारी के लिए नियमावली के तौर पर काम करने वाली रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी)-16 में भी कुछ संशोधन के करने की मंजूरी दी है. इसके तहत संशोधित ऑर्डर को मूल सौदे की वारंटी की अवधि पूरा होने के पांच साल में पूरा करना होगा.


रक्षा खरीद परिषद: देश की रक्षा एवं सुरक्षा हेतु की जाने वाली खरीद और अधिग्रहण के लिए 11 अक्टूबर 2001 को रक्षा अधिग्रहण परिषद की स्थापना की गई थी. रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) रक्षा मंत्रालय के तहत एक व्यापक संरचना, रक्षा खरीद योजना प्रक्रिया के समग्र मार्गदर्शन के लिए गठित की गई थी. रक्षा खरीद परिषद का उद्देश्य मांग की गई क्षमताओं के संदर्भ में सशस्त्र बलों के अनुमोदित आवश्यकताओं की शीघ्र खरीद, और आवंटित बजटीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करके, निर्धारित समय सीमा को सुनिश्चित करना है.

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