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19 September 2018

रक्षा मंत्रालय ने 9,100 करोड़ के 'मेड इन इंडिया' सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को 9100 करोड़ रुपये के सैन्य उपकरणों और हथियारों की खरीद को मंजूरी दे दी. रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली ‘रक्षा खरीद परिषद’ (DAC) ने आकाश मिसाइल के नवीनतम संस्करण की खरीद को मंजूरी दे दी. आपको बता दें कि DAC रक्षा मंत्रालय का सर्वोच्च खरीद निकाय है. डीएसी ने सरकारी ‘भारत डाइनैमिक्स लिमिटेड’ से वाई इंडिया श्रेणी के अंतर्गत आकाश मिसाइल प्रणाली की दो अतिरिक्त रेजिमेंट्स की खरीद को मंजूरी दे दी. डीएसी ने टी 90 टैंकों के गाइडेड वेपंज सिस्टम के लिए जांच उपकरणों के डिजाइन और विकास को भी मंजूरी दी. खास बात यह है कि पहले ये उपकरण विदेशी कंपनियों से खरीदे जाते थे, अब इन्हें सरकार के 'मेड इन इंडिया' पहल के तहत देश में ही तैयार किया गया है. 

जिस मिसाइल को खरीदा जाना है वह पहले शामिल की जा चुकी आकाश मिसाइलों का उन्‍नत वर्जन है. इसमें साधक प्रौद्योगिकी होगी और इसके साथ ही यह चारों दिशाओं को कवर कर सकेगी. उन्‍नत आकाश हथियार प्रणाली परिचालन की दृष्टि से अत्‍यंत अहम उपकरण है जो महत्‍वपूर्ण परिसंपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित करेगी. इसमें सीकर टेक्नॉलजी है, जिसका कवरेज 360 डिग्री है और इसका कॉन्फिगरेशन कॉम्पैक्ट होगा. डीएसी ने टी-90 टैंकों के लिए पानी के अंदर सांस लेने के लिए विशेष उपकरण ‘इंडिविजुअल अंडर वॉटर ऑर्गनाइजेशन’ (IUWBA) की प्रोग्रेसिव डिजाइन और विकास को भी मंजूरी दे दी. ‘रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन’ (डीआरडीओ) द्वारा विकसित आईयूडब्ल्यूबीए का उपयोग टैंक चालक दल के सदस्य सुरक्षा गियर के रूप में करते हैं. 

डीएसी ने टी-90 टैंकों के ‘गाइडेड हथियार प्रणाली’ के लिए परीक्षण उपकरणों के विकास और डिजाइन को भी मंजूरी दे दी. डीआरडीओ इन उपकरणों को विकसित कर रहा है और वह टी-90 टैंकों के गाइडेड हथियार प्रणाली के परीक्षण में उपयोग के लिए परीक्षण उपकरणों का स्वदेशी समाधान देगा. इससे पहले विदेशी कंपनियों से खरीदे जाने वाले उपकरण अब देश में विकसित किए जा रहे हैं.

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