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10 September 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोबिलिटी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 सितंबर 2018 को नई दिल्ली में विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस मौक़े पर प्रधानमंत्री ने आधुनिक यातायात व्यवस्था से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया. पीएम मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर गतिशीलता अच्छी नौकरियां, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा सकती है और जीवन की गुणवत्ता को सुधार सकती है. उन्होंने कहा कि भारत 'मूव' कर रहा है. हमारी अर्थव्यवस्था भी 'मूव' कर रही है. हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था हैं. हम 100 स्मार्ट शहरों का निर्माण कर रहे हैं. हम तेजी से सड़कों, हवाई अड्डों, रेल लाइनों और बंदरगाहों का
निर्माण कर रहे हैं.

मोदी ने इस दौरान 7C का फॉर्मूला भी दिया. उन्होंने कहा 'भारत में मोबिलिटी के भविष्य के लिए मेरा विजन 7C पर आधारित है. कॉमन, कनेक्टेड, कन्वीनिएंट, कंजेशन फ्री, चार्ज्ड, क्लीन, और कटिंग एज. सुविधाजनक मोबिलिटी का मतलब समाज के सभी वर्गों के लिए सुरक्षा, किफायत और सुलभता है. इसमें बुजुर्गों, महिलाओं और विशेष रूप से दिव्यांग शामिल हैं. हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि यात्रा के निजी साधनों के लिए सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी जाए. 'मोदी ने आगे कहा कि जीएसटी से हमें सप्लाइ चेन और वेयरहाउस नेटवर्क्स को तर्कसंगत बनाने में मदद मिली है. हमने बिजनेस करने के लिहाज से भारत को आरामदायक स्थान बना दिया है. परिवारों को घर, शौचालय, एलपीजी सिलेंडर, बैंक अकाउंट और लोन मिल रहे हैं. हम दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता स्टार्ट अप हब हैं.

ग्‍लोबल मोबिलिटी शिखर सम्‍मेलन अपनी तरह का पहला शिखर सम्‍मेलन है. इस दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन नीति आयोग ने दिल्ली के विज्ञान भवन में किया है. इस सम्मेलन का मकसद भारत में परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाना और मोबिलिटी के साधनों को और संपर्कशील और बेहतर बनाना है. शिखर सम्मेलन का मकसद देश में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विकसित करने पर ज़ोर देना है. सम्मेलन का मकसद विश्व में मोबिलिटी क्षेत्र में हो रहे अनुभव को सीखना भी है. सम्मेलन में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन और साझा मोबिलिटी को प्रोत्साहन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. सम्मेलन का मक़सद ज़रुरतों के मुताबिक़ परिवहन व्यवस्था को तैयार करना है. साथ ही यातायात के साधन के बीच आसान संपर्क बनने पर भी ज़ोर है. ताकि आवाजाही सुगम हो और लोग आसानी से बस से मेट्रो, मेट्रो से रेल और हवाई अड्डे तक आ जा सकें. इसका ज़ोर ईंधन की ख़पत को कम करना,सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर भी है.

प्रदर्शनी में दुनिया की परिवहन कंपनियों ने हिस्सा लिया. इन कंपनियों ने भविष्य में बढ़ती ज़रुरतों के मद्देनज़र विनिर्माण और स्वच्छ ईंधन की खपत वाले करने वाले वाहनों का भी खाका रखा. ये वाहन स्पीड के साथ-साथ सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल भी होंगे. इस कार्यक्रम में दुनियाभर से करीब 2,200 भागीदार शिरकत कर रहे हैं. इनमें सरकारों, उद्योग, शोध संगठनों, अकादमियों और समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, जापान, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, न्यू जीलैंड, ऑस्ट्रिया, जर्मनी और ब्राजील के दूतावासों तथा निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. सम्‍मेलन के दौरान विभिन्‍न अंतर सरकारीय संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, भारत और विदेश के नीति विचारक, ओईएम जैसे मोबिलिटी क्षेत्र के वैश्विक नेता, बैटरी निर्माता, चार्जिंग संरचना प्रदाता, प्रौद्योगिकी समाधान प्रदाता मोबिलिटी बढ़ाने के बारे में अपने विचारों का आदान-प्रदान किया.

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