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12 September 2018

भारत में पहली बार, बेंगलुरु एयरपोर्ट बायोमेट्रिक बोर्डिंग से पहचान सुनिश्चित करेगा

कर्नाटक के बेंगलुरु एयरपोर्ट को पपेरलेस एवं पूरी तरह डिजिटल बनाने की कवायद से आरंभ किये गये अभियान के तहत यहां यात्रियों को बोर्डिंग पास दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी. बेंगलुरु का केम्पेगौडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ऐसा करने वाला भारत का पहला एयरपोर्ट बन जाएगा. बैंगलौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआईएएल) पर अब आपका चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास होगा. बीआईएएल ने पेपरलेस बायोमेट्रिक सेल्फ बोर्डिंग टेक्नॉलजी लॉन्च करने के लिए विजन-बॉक्स से एक अग्रीमेंट साइन किया है. बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इस नियम के लागू होने के बाद जेट एयरवेज, एयर एशिया और स्पाइसजेट के यात्रियों को यह सुविधा 2019 की पहली तिमाही से मिलनी शुरू हो जाएगी. इस प्रोजेक्ट को 2019 की पहली तिमाही में पूरा कर लिया जाएगा. 

इस सुविधा के शुरू होने के साथ ही बेंगलुरु एयरपोर्ट भारत का पहला एयरपोर्ट बन जाएगा. यह समझौता भारतीय मूल के पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा की मौजूदगी में किया गया. उनके साथ वहां पुर्तगाल में भारत की राजदूत नंदिनी सिंगला भी मौजूद थीं. वहीं बीआईएएल की ओर से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि बोर्डिंग के लिए रजिस्ट्रेशन को पेपरलेस बनाकर हवाई यात्रा को आसान करने के लिए यह सुविधा शुरू की गई है. बायोमेट्रिक टेक्नॉलजी से पैसेंजर्स के चेहरे से उनकी पहचान होगी और वे एयरपोर्ट पर जा सकेंगे. इसके लिए उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य आइडेंटिटी डॉक्युमेंट्स नहीं दिखाने पड़ेंगे.

यह सुविधा पहले से ही कई देशों में उपलब्ध है लेकिन भारत में पहली बार इसे लाया जा रहा है. अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, जापान, चीन, जर्मनी, रूस, आयरलैंड, स्कॉटलैंड, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, न्यूजीलैंड, फिनलैंड, हांगकांग, नीदरलैंड, सिंगापुर, आदि देशों में यह सुविधा पहले से ही मौजूद है. भारतीय रेलवे पहला सरकारी उपक्रम बना था जिसने अपना कामकाज पेपरलेस किया. अक्टूबर 2011 में आइआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) ने सुविधा देते हुए कहा कि यात्रियों को अपने साथ काउंटर टिकट रखना जरूरी नहीं होगा. लोग मोबाइल पर एसएमएस या ई-टिकट के जरिए यात्रा कर सकते हैं.

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