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22 September 2018

भारत ने बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रहार' का सफल परीक्षण किया

भारत ने 20 सितंबर 2018 को स्वदेश में विकसित और सतह से सतह पर कम दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रहार' का ओडिशा तट से सफलतापूर्वक परीक्षण किया. यह मिसाइल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित किया गया है. यह परीक्षण ओडिशा के बालासोर स्थित इंटिग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) के लांचिंग कांप्लेक्स से भारी बारिश के बीच किया गया. मोबाइल लांचर से इस मिसाइल को लांच किया गया. यह परीक्षण सफल रहा, क्योंकि लक्ष्य तक पहुंचने से पहले इसने 200 किलोमीटर तक की दूरी तय की और मिशन के सभी लक्ष्यों को प्राप्त किया. यह हर मौसम में, हर क्षेत्र में अत्यधिक सटीक और सहयोगी तरकीबी हथियार प्रणाली है.परीक्षण के दौरान रेंज स्टेशनों और इलैक्ट्रो ऑप्टिकल सिस्टम की मदद से मिसाइल के ट्रैक पर नजर रखी गई. मिसाइल के परीक्षण से पहले चांदीपुर स्थित लॉंन्च पैड संख्या तीन की दो किलोमीटर की परिधि में रहने वाले 4,494 लोगों को अस्थायी तौर पर वहां से हटाया गया. सुरक्षा उपायों के तहत पांच गांवों से इन लोगों को हटाया गया. परीक्षण के शीघ्र बाद आईटीआर अधिकारियों से इजाजत मिलने पर वे अपने घरों में लौट आए.

प्रहार मिसाइल का प्रयोग किसी भी सामरिक और रणनीतिक लक्ष्यों को भेदने के लिए किया जा सकता है. प्रहार मिसाइल की मारक क्षमता 150 किलोमीटर है. इस मिसाइल की लंबाई 7.32 मीटर है और इसका व्यास 420 मिलीमीटर है. इसका भार 1.28 टन है और यह 200 किलोग्राम का भार वहन कर सकती है. प्रहार अनेक शस्त्र ले जाने के साथ-साथ विभिन्न लक्ष्यों को एक साथ ध्वस्त करने की क्षमता रखती है. इससे पारंपरिक लड़ाई में दुश्मनों को गंभीर नुकसान हो सकता है. इसे दागे जाने की सभी तैयारी दो से तीन मिनट के अंदर ही पूरी की जा सकती है. इसकी खासियत यह है कि छह मिसाइल एक साथ एक जगह से अलग अलग दिशा में छोड़ी जा सकती हैं. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, सेना और सभी संबंधित एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा है कि इससे देश की रक्षा क्षमता में इजाफा होगा. प्रहार एक ठोस इंधन की, सतह-से-सतह तक मार करने में सक्षम कम दुरी की सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल है.

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