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09 October 2018

भारत और एडीबी ने मध्य प्रदेश के गांवों में कनेक्टिविटी बेहतर करने हेतु 110 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्तारक्षर किए

भारत और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने 05 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क कार्यक्रम (पीएमजीएसवाई) के तहत मध्‍य प्रदेश में 2,800 किलोमीटर लम्‍बी बारहमासी ग्रामीण सड़कों के उन्‍नयन के वित्‍त पोषण के लिए आज 110 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए. द्वितीय ग्रामीण कनेक्टिविटी निवेश कार्यक्रम पर भारत सरकार की ओर से वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में अपर सचिव समीर कुमार खरे और एडीबी की ओर से एडीबी के भारत निवासी मिशन के कंट्री डायरेक्‍टर केनिची योकोयामा ने हस्‍ताक्षर किए. इस समग्र कार्यक्रम का उद्देश्‍य कई राज्‍यों जैसे कि असम, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लगभग 12,000 किलोमीटर लम्‍बी ग्रामीण सड़कों की बेहतरी सुनिश्चित कर ग्रामीण कनेक्टिविटी बेहतर करना, आजीविका के लिए सुरक्षित पहुंच की सुविधा प्रदान करना और ग्रामीण समुदायों के लिए सामाजिक-आर्थिक अवसर सृजित करना है.

यह समझौता दूसरी किस्‍त की ऋण राशि भारत हेतु 500 मिलियन डॉलर के द्वितीय ग्रामीण कनेक्टिविटी निवेश कार्यक्रम का एक हिस्‍सा है, जिसे दिसम्‍बर 2017 में एडीबी के बोर्ड द्वारा स्‍वीकृति दी गई थी. पहली किस्‍त के तहत 250 मिलियन डॉलर की ऋण राशि का उपयोग फिलहाल परियोजना से जुड़े पांच राज्‍यों में किया जा रहा है, जिसके तहत 6,000 किलोमीटर से भी ज्‍यादा लम्‍बी ग्रामीण सड़कों का उन्‍नयन करना है. परियोजना की दूसरी किस्‍त के तहत मध्‍य प्रदेश में ग्रामीण सड़कों का उन्‍नयन करते हुए पीएमजीएसवाई के लिए निरंतर सहायता सुनिश्चित की जाएगी. इससे ग्रामीण भारत में समावेशी आर्थिक विकास प्राप्‍त करने के सरकारी दीर्घकालिक लक्ष्‍य को पूरा करने में व्‍यापक सहयोग मिलेगा. इससे देश में ग्रामीण कनेक्टिविटी पहल को काफी बढ़ावा मिलेगा. ऋण राशि से ग्रामीण केन्‍द्रों तक लोगों की पहुंच बेहतर होने के परिणामस्‍वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में स्‍वरोजगार के लिए आवाजाही बेहतर होगी और आजीविका से जुड़े अवसर बढ़ेंगे.

इस परियोजना से लागत कम करने, गैर-नवीकरणीय प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और ग्रामीण सड़कों के निर्माण में अपशिष्‍ट सामग्री का उपयोग बढ़ाने हेतु अभिनव उपाय करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नई गति मिलेगी. मध्‍य प्रदेश में अपेक्षा से ज्‍यादा बारिश होने के साथ-साथ कई बार तूफान आने की आशंका को ध्‍यान में रखते हुए वहां सड़कों की डिजाइनिंग कुछ इस तरह से की जाती है, जिससे कि मौसम से जुड़े जोखिमों से बचाव हो सके. इसके तहत सड़क तटबंधों की ऊंचाई अधिक र‍खी जाती है और इसके साथ ही ढलान का संरक्षण सुनिश्चित किया जाता है. परियोजना का डिजाइन तैयार करते समय महिलाओं से विस्‍तारपूर्वक चर्चाएं की गई थीं. इससे स्वास्थ्य सेवाओं, आजीविका और स्‍कूलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होने के साथ-साथ कुछ अन्‍य फायदे भी होंगे.

एशियाई विकास बैंक (एडीबी): एशियाई विकास बैंक (एडीबी) एक क्षेत्रीय विकास बैंक है जिसकी स्थापना 19 दिसम्बर 1966 को एशियाई देशों के आर्थिक विकास के सुगमीकरण के लिए की गयी थी. यह बैंक यूएन (UN) इकोनॉमिक कमीशन फॉर एशिया एंड फार ईस्ट (अब UNESCAP) और गैर क्षेत्रीय विकसित देशों के सदस्यों को सम्मिलित करता है. इस बैंक की स्थापना 31 सदस्यों के साथ हुई थी, अब एडीबी के पास अब 67 सदस्य हैं - जिसमे से 48 एशिया और पैसिफिक से हैं और 19 सदस्य बाहरी हैं. एडीबी (ADB) का प्रारूप काफी हद तक विश्व बैंक के आधार पर बनाया गया था और विश्व बैंक के समान यहां भी भारित वोट प्रणाली की व्यवस्था है जिसमे वोटों का वितरण सदस्यों के पूंजी अभिदान अनुपात के आधार पर किया जाता है.

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