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11 October 2018

नोबेल पुरस्कार 2018: विलियम डी नॉर्डहॉस और पॉल एम रोमर अर्थशास्त्र श्रेणी में विजेता घोषित

नोबेल पुरस्कार समिति द्वारा अमेरिकी अर्थशास्त्री विलियम डी नॉर्डहॉस और पॉल एम रोमर को संयुक्त रूप से वर्ष 2018 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ इकोनॉमिक्स ने सोमवार इस पुरस्कार के लिए विलियम नोरधाॅस और पॉल रोमर के नाम का एलान किया है. इन दोनों अर्थशास्त्रियों को यह सम्मान जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास पर खोज के लिए दिया जा रहा है. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ इकोनॉमिक्स ने जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास पर खोज के लिए इन्हें यह पुरस्कार देने का फैसला किया है. दोनों अर्थशास्त्री, विलियम डी नॉर्डहॉस और पॉल एम रोमर, मैक्रोइकनॉमिक्स (सूक्ष्म अर्थशास्त्र) से संबंध रखते हैं. उन्होंने प्रकृति और मार्केट इकनॉमी के बीच के संबंध को विस्तार देने वाले मॉडल बनाए हैं. साथ ही जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान को रोकने के तरीकों पर खोज की है.

दोनों अर्थशास्त्री अमेरिका के नागरिक हैं तथा विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं. इन्हें ग्लोबल वार्मिंग और आर्थिक विकास के बीच के संबंध पर शोध के लिए यह सम्मान मिलेगा. इन दोनों को ही पुरस्कार राशि के रूप में 90 लाख स्वीडिश क्रोनर यानी लगभग 7.35 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. येल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर नॉर्डहॉस पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अर्थव्यवस्था और मौसम के बीच होने वाले प्रभावों पर एक मॉडल तैयार किया. प्रो.रोमर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस में पढ़ाते हैं. उन्होंने अपने शोध में दर्शाया कि आखिर कैसे आर्थिक शक्तियां कंपनियों को नए आइडिया और तकनीके तैयार करने के लिए प्रेरित करती हैं. इससे पहले मेडिसिन, फिजिक्स, केमेस्ट्री और शांति के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम की घोषणा हुई थी.

उल्लेखनीय है कि अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से पहले शांति, मेडिसिन, भौतिकी और रसायन शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार का एलान किया जा चुका है. इसमें यजीदी कार्यकर्ता नादिया मुराद को 2018 के नोबेल शांति पुरस्कार और मेडिसिन के लिए संयुक्त रूप से जेम्स पी. एलिसन और तासुकू होंजो को चुना गया. वहीं भौतिकी के नोबेल पुरस्कार के लिए अमेरिका के आर्थर अश्किन, फ्रांस के जेरार्ड मोउरो और कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड के नाम की घोषणा की जा चुकी है. इसके अलावा रसायन शास्त्र के लिए फ्रांसेस एच. एरनॉल्ड, जॉर्ज पी स्मिथ और सर ग्रेग्रॉरी पी विंटर को नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है.

बता दें कि साहित्य के नोबेल पुरस्कार को इस साल स्थगित कर दिया गया है. पुरस्कार के 117 साल के इतिहास में इसे दूसरी बार रोका गया है. इससे पहले इसे 1943 में द्वितीय विश्व युद्ध को लेकर स्थगित किया गया था. नोबेल पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था एक सेक्स स्कैंडल में फंस गई है. यह अकादमी 1901 से ही साहित्य नोबेल पुरस्कार विजेताओं का चयन कर रही है. भारत को सिर्फ एक बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला है. 1913 में रवींद्रनाथ टैगोर को गीतांजलि के लिए यह पुरस्कार दिया गया था.

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