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18 October 2018

एना बर्न्स ने उपन्यास ‘मिल्कमैन’ के लिए मैन बुकर पुरस्कार 2018 जीता

उत्तरी आयरलैंड की लेखिका एना बर्न्स को वर्ष 2018 के मैन बुकर प्राइज से सम्मानित किया गया है. उन्हें उनके उपन्यास ‘मिल्कमैन’ के लिए यह सम्मान दिया गया है. इस घोषणा के साथ ही एना बर्न्स इस पुरस्कार को जीतने वाली पहली नॉर्दन आईरिश लेखिका बन गई हैं. यह उनका तीसरा उपन्यास था. यह पुरस्कार पाने वाली अन्ना नॉर्दर्न आयरलैंड की पहली लेखिका हैं. अन्ना को 52,500 पाउंड (50 लाख 85 हजार रुपए) की इनामी राशि दी गई. बुकर के 49 साल के इतिहास में यह पुरस्कार हासिल करने वाली अन्ना 17वीं और 2013 के बाद से पहली महिला हैं.

उपन्यास मिल्कमैन एक प्रेम कहानी पर आधारित है. मिल्कमैन में एक युवा लड़की को शादीशुदा व्यक्ति से प्यार हो जाता है. इसके बाद नॉर्दर्न आयरलैंड में दोनों लोगों को राजनीतिक गतिरोध का सामना करना पड़ता है. लंदन में हुए समारोह में अन्ना को यह पुरस्कार दिया गया. जजों के पैनल की अगुआई करने वाले क्वामे एंथनी अपैया ने बताया की अन्ना ने अपनी किताब में जो लिखा, वैसा हमने पहले कभी नहीं पढ़ा. वह अपने लेखन में पारंपरिक सोच को चुनौती देती दिखाई देती हैं. अपैया ने कहा की मिल्कमैन उपन्यास क्रूरता, यौन अतिक्रमण और हास्य के साथ प्रतिरोध की कहानी है. यह विभाजित समाज में इंसान के कपटतापूर्ण रूपों की खोज करती है.

अन्ना ब्रिटेन के ससेक्स में ही रहती हैं. मिल्कमैन एक ऐसी लड़की पर केंद्रित है जो एक रूढ़िवादी समुदाय में अफवाह, सामाजिक दबाव और राजनीति के जरिए अपना रास्ता तलाशती है. अन्ना को प्रिंस चार्ल्स की पत्नी और डचेस ऑफ कार्नवॉल कैमिला पार्कर ने ट्रॉफी दी. इस बार जजों को पुरस्कार के लिए 171 प्रविष्टियां मिली थीं. जिन अन्य किताबों को नॉमिनेट किया गया था, उनमें द लॉन्ग लेक (रॉबिन रॉबर्टसन), वॉशिंगटन ब्लैक (एसी एडुग्यान), द मार्स रूम (रैचेल कुशनर) और द ओवरस्टोरी (रिचर्ड पावर्स) थीं. 

मैन बुकर पुरस्कार या बुकर पुरस्कार कॉमनवैल्थ या आयरलैंड के नागरिक द्वारा लिखे गए मौलिक अंग्रेजी उपन्यास के लिए हर वर्ष दिया जाता है. वर्ष 2008 का पुरस्कार भारतीय लेखक अरविन्द अडिगा को दिया गया था. अडिगा सहित कुल 5 बार यह पुरस्कार भारतीय मूल के लेखकों को मिला है. अन्य लेखक हैं, वी एस नाइपॉल, अरुंधति राय, सलमान रश्दी और किरण देसाई. बुकर पुरस्कार की स्थापना सन् 1969 में इंगलैंड की बुकर मैकोनल कंपनी द्वारा की गई थी. इसमें 50 हज़ार पाउण्ड की राशि विजेता लेखक को दी जाती है. इस पुरस्कार के लिए पहले उपन्यासों की एक लंबी सूची तैयार की जाती है और फिर पुरस्कार वाले दिन की शाम के भोज में पुरस्कार विजेता की घोषणा की जाती है. पहला बुकर पुरस्कार अलबानिया के उपन्यासकार इस्माइल कादरे को दिया गया था.

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