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23 October 2018

भारत में एक साल में 7300 नये करोड़पति बने: क्रेडिट सुइस रिपोर्ट

वित्तीय सेवा कंपनी क्रेडिट सुइस द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में बढ़ती असमानताओं के बीच देश में करोड़पतियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. रिपोर्ट के अनुसार गत एक वर्ष में भारत में 7300 नए करोड़पति बने हैं. कंपनी के अनुसार भारत में अब करोड़पतियों की संख्या लगभग 3.43 लाख हो चुकी है. इनके पास सामूहिक रूप से करीब 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थात लगभग 441 लाख करोड़ रुपये की धनराशि मौजूद है. रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी सामने आया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत सबसे अधिक महिला अरबपतियों वाले देशों में शामिल है.

रिपोर्ट के मुताबिक 2018 के मध्य तक भारत में कुल 3 लाख 43 हजार करोड़पति थे, जिनमें 7,300 करोड़पति और जुड़ गए हैं. भारत में नए बने करोड़पतियों में से 3,400 के पास 5-5 करोड़ डॉलर यानि 368-368 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है, जबकि 1500 के पास 10-10 करोड़ डॉलर यानि करीब 736-736 करोड़ रुपये की संपत्ति है. पिछले एक साल में भारत में प्रति वयस्क संपत्ति 7,020 डॉलर ही बनी रही, इसकी अहम वजह डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी रही. रिपोर्ट के अनुसार 2023 तक भारत में करोड़पतियों की संख्या और गरीबी-अमीरी में फर्क बढ़ेगा. भारत में लोगों की व्यक्तिगत सम्पत्ति जमीन-जायदाद और अन्य अचल सम्पत्तियों के रूप में है. पारिवारिक संपत्तियों में ऐसी संपत्ति का हिस्सा 91 प्रतिशत है.

क्रेडिट सुइस की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अरबपति महिलाओं की संख्या प्रमुख देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा 18.6% है. देश की संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी 20-30% है. क्रेडिट सुइस की ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट में अमेरिका लगातार 10वें साल टॉप पर रहा. इसकी संपत्ति 6.3 ट्रिलियन डॉलर बढ़कर 98 ट्रिलियन डॉलर हो गई. ग्लोबल वेल्थ में अमेरिका की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही.

- अमीरों की संख्या बढ़ने के मामले में चीन दूसरे नंबर पर रहा। यहां के लोगों की संपत्ति 2.3 ट्रिलियन डॉलर बढ़कर 52 ट्रिलियन डॉलर हो गई. अगले 5 साल में चीन में अमीरों की संख्या बढ़कर 23 ट्रिलियन होने का अनुमान है।

क्रेडिट सुइस ग्रुप बहुराष्ट्रीय वित्तीय सेवा कंपनी है। इसका मुख्यालय ज्यूरिक स्विट्जरलैंड में है जहाँ से क्रेडिट सुइस बैंक और अन्य निवेश सम्बंधी वित्तीय सेवाओं का संचालन होता है. कम्पनी शेयर निगम के चार गठकों का संगठित रूप है: निवेश बैंकिंग, निजी बैंकिंग, सम्पति प्रबंधन और साझा सेवा समूह जो विपणन के सेवा उपलब्ध करवाता है और अन्य विभागों का समर्थित करता है।

क्रेडिट सुइस की स्थापना अल्फ्रेड एस्सर ने 1856 में स्वाज़ेर्शी क्रेडिटंस्टाल्ट नाम से की थी। इसकी स्थापना उन्होंने स्विट्जरलैंड रेल सेवा के विकास के लिए पूँजी जुटाने हेतु की थी। इस कम्पनी ने ऋण देना आरम्भ किया जिससे यूरोपीय रेल प्रणाली और स्विट्जरलैंड विद्युत ग्रिड के निर्माण में काफी सहायता मिली।

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