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28 September 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ‘चैंपियंस ऑफ़ अर्थ अवार्ड’ से सम्मानित

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को 26 सितंबर 2018 को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान, 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' पुरस्कार से सम्मानित किया गया. भारत के साथ-साथ फ़्रांस को भी इस पुरस्कार के लिए इसलिए सम्मानित किया गया है क्योंकि दोनों ही देशों ने समान प्रयासों के साथ अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत की है. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन को लेकर अग्रणी एवं उत्साही कार्यों के लिए और पर्यावरणीय कार्यों में सहयोग के नये क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों को
'नीति नेतृत्व' श्रेणी के तहत यह पुरस्कार प्रदान किया गया. प्रधानमंत्री को 2022 तक भारत में प्लास्टिक के उपयोग को खत्म करने का संकल्प लेने और मैक्रों को पर्यावरण के लिए वैश्विक समझौते को लेकर सराहना की गयी. दोनों देशों के राष्ट्र प्रमुखों ने पूरे विश्व में इस बारे में जाग्रति फैलाई तथा अन्य देशों को भी सौर गठबंधन में शामिल करने हेतु सफलतापूर्वक प्रोत्साहित किया.

भारत के लिए दूसरी सम्मान की बात है कि केरल के कोच्चि इंटरनैशनल एयरपोर्ट को भी नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ते हुए उद्यमी दृष्टि दिखाने के लिए अवॉर्ड दिया गया है. कोच्चि इंटरनैशनल एयरपोर्ट विश्व को यह सन्देश देता है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना भी वैश्विक विकास में अग्रणी भूमिका निभाई जा सकती है. इस दौरान कहा गया कि समाज की गति में वृद्धि जारी है, ऐसे में दुनिया का पहला पूर्ण सौर संचालित हवाई अड्डा इस बात का प्रमाण है कि ग्रीन बिजनस ही अच्छा बिजनस है. कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को 'नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग में नेतृत्व' के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया.

चैंपियंस ऑफ़ अर्थ अवार्ड: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने वर्ष 2005 में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों से उत्कृष्ट पर्यावरण हितैषी कार्य करने वाले व्यक्तियों को पहचानने के लिए वार्षिक पुरस्कार कार्यक्रम के रूप में ‘चैंपियंस ऑफ़ अर्थ’ पुरस्कार की स्थापना की. आम तौर पर प्रतिवर्ष पांच से सात विजेताओं का चयन किया जाता है. प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक ट्रॉफी प्राप्त करने के लिए एक पुरस्कार समारोह में आमंत्रित किया जाता है. विजेता पुरस्कार प्राप्ति हेतु भाषण देते हैं और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेते हैं. वर्ष 2017 में ‘यंग चैंपियंस ऑफ़ अर्थ’ श्रेणी की भी शुरुआत की गई. इसके अंतर्गत 18 से 30 वर्ष के उन व्यक्तियों को पुरस्कृत किया जाता है जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक एवं उत्कृष्ट पहल की हो.

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