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15 October 2018

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने इस्तीफा दिया

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने 09 अक्टूबर 2018 को इस्तीफा दे दिया. अमेरिकी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे स्वीकार भी कर लिया है. हेली ट्रंप प्रशासन में भारतीय मूल की वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी थीं. जनवरी, 2017 में ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने के चार दिन बाद दक्षिण कैरोलीना की पूर्व गर्वनर की संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत के रूप में नियुक्ति की पुष्टि हुई थी. इस्तीफा देने के बाद निक्की संयुक्त राष्ट्र में एक महीने के लिए अस्थायी राजदूत के पद पर रहेंगी. हेली के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी जारी हुआ है जिसमें ट्रंप ने कहा है कि निक्की हेली ने शानदार काम किया. वह ब्रेक लेने के लिए साल के अंत में अपना पद छोड़ देंगी.

ऐसी खबरें थीं कि निक्की हेली 2020 राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी. वहीं, हेली ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगी, बल्कि ट्रंप के समर्थन में प्रचार करेंगी. निक्की हेली भारतीय मूल की हैं. निक्की हेली अमेरिकी सिख परिवार से हैं जो भारत के पंजाब से अमेरिका पहुंचा था. राजनीति में कदम रखने से पहले निक्की हेली अपने पारिवारिक कारोबार से जुड़ी थीं. 

निक्की हेली का जन्म अमेरिका के बमबर्ग, दक्षिण कैरोलिना में 20 जनवरी 1972 को एक भारतीय सिख परिवार में हुआ. उनका प्रारंभिक नाम निम्रता निक्की रंधावा था. उनके माता पिता, राज कौर रंधावा और अजीत सिंह रंधावा भारत के अमृतसर जिला से आप्रवासी हैं. वे ओरेंजबर्ग प्रीपरेटरी स्कूल, इंक से स्नातक और क्लेमसन विश्वविद्यालय के लेखा स्नातक (बी॰एस॰) हैं. शुरुआत में उन्होने एक अपशिष्ट प्रबंधन और रीसाइक्लिंग कंपनी एफ॰ सी॰ आर॰ निगम में काम किया. इस कंपनी में नियुक्ति से पूर्व उन्होने 1994 में अपनी माँ की एक व्यावसायिक कंपनी एक्सोटिका इन्टरनेशनल, जो कपड़े का एक बड़ा फ़र्म है में योगदान दिया. निक्की हेली वर्ष 2003 में नेशनल एसोसिएशन ऑफ वुमेन बिजनेस ऑनर की कोषाध्यक्ष और 2004 में अध्यक्ष बनाई गई.

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