मासिक करेंट अफेयर्स

01 October 2018

केंद्र सरकार ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया

केंद्र सरकार ने 30 सितंबर 2018 को प्रतिस्पर्धा अधिनियम की समीक्षा के लिए प्रतिस्पर्धा अधिनियम समीक्षा समिति का गठन किया है. सशक्त आर्थिक आधारभूत ढांचे की आवश्यकता के लिए संबधित अधिनियम को समकालीन बनाने के उद्देश्य से प्रतिस्पर्धा अधिनियम समीक्षा समिति का गठन किया है. गौरतलब है कि वर्ष 2002 में प्रतिस्पर्धा अधिनियम पारित होने के बाद भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्थापना की गई. वर्ष 2009 से भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने कार्य करना प्रारंभ किया और देश में प्रतिस्पर्धा के विकास और बाजार में
उचित नीतियों के प्रयोग के प्रति सराहनीय कार्य किया.


कार्पोरेट मामलों के मंत्रालय के मुताबिक बीते 9 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि हुई है और आज भारत दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक है और इसके और प्रगति करने की आशा है. इस संदर्भ में प्रतिस्पर्धा अधिनियम को सशक्त करने और नागरिकों को सर्वश्रेष्ठ नियमों द्वारा उनके द्वारा दिए गए मूल्यों के अनुरूप गुणवत्ता को प्राप्त करने के लिए प्रतिस्पर्धा अधिनियम को सशक्त करने की जरूरत है. प्रतिस्पर्धा अधिनियम को सशक्त करने और नागरिकों को सर्वश्रेष्ठ नियमों और मूल्यों के अनुरूप बदलाव करने की आवश्यकता है. इसके लिये अधिनियम की समीक्षा के लिये कॉरपोरेट मामलों के सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है. यह समिति अपनी पहली बैठक की तिथि से तीन महीने के भीतर अपना कार्य पूर्ण करेगी और रिपोर्ट देगी.

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग भारत की एक विनियामक संस्था है. इसका उद्देश्य स्वच्छ प्रतिस्पर्धा को बढावा देना है ताकि बाजार उपभोक्ताओं के हित का साधन बनाया जा सके. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड के अध्यक्षों को इसका सदस्य बनाया गया है. इसके अलावा मैसर्स खेतान एंड कंपनी के हैग्रिव खेतान, आईकेडीएचवीएजे एडवाईजर्स एलएलपी के हर्ष वर्धन सिंह, मैसर्स शार्दुल अमरचंद्र मंगलदास एंड कंपनी की पल्लवी शार्दुल, एएससीआईआई के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. एस.चक्रवर्ती तथा दिल्ली स्कूल ऑफ इकानमिक्स के प्रो. आदित्य भट्टाचार्य को सदस्य बनाया गया है. कार्पोरट मामलों के संयुक्त सचिव( प्रतिस्पर्धा) समिति के सदस्य सचिव होंगे.

No comments:

Post a comment