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06 October 2018

पीएम मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहली सभा का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहली सभा, हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) की दूसरी नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री स्तरीय बैठक और द्वितीय आरई इन्वेस्ट 2018 का उद्घाटन किया. इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस भी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत कम समय में अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा को अभूतपूर्व सफलता मिली है. दुनिया के लिए ये उम्मीद की किरण के तौर पर उभरा है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस की भूमिका ओपेक जैसी होगी.

प्रधानमंत्री ने दुनिया को एक सूर्य और एक ग्रिड का मंत्र दिया. उन्होंने कहा कि अगर मिशन को पूरा करने में सफलता मिलती है, तो दुनिया को 24 घंटे बिजली उत्पादन में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हमने नवीकरणीय ऊर्जा के एक्शन प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि 2030 तक गैर जीवाश्म ईंधन आधारित संसाधनों का उपयोग करके 40% बिजली उत्पादन करने का निर्णय लिया गया है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत ‘पॉवर्टी टू पॉवर’ के नए आत्मविश्वास के साथ विकास कर रहा है. इस नए आत्मविश्वास को शक्ति देने के लिए भी उस चीज़ को चुना गया है, जो हज़ारों वर्षों से हमारी शक्ति का स्रोत रहा है, ऊर्जा का भंडार रहा है. ये भंडार है सूर्य का जिसको भारतीय सूर्यदेव भी कहते हैं. इससे पहले दोनों नेताओं ने नवीकरणीय ऊर्जा और सौर तकनीक से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया.

अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की स्थापना भारत की पहल के बाद हुई थी. इसकी शुरुआत संयुक्त रूप से पेरिस में 30 नवम्बर, 2015 को संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के दौरान सीओपी-21 से पृथक भारत और फ्राँस द्वारा की गई थी. कुछ समय पूर्व नई दिल्ली में हुई आईएसए की अंतर्राष्ट्रीय संचालन समिति की पाँचवीं बैठक में 121 संभावित सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था, जो पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से कर्क और मकर रेखा के बीच स्थित हैं. इस सम्मेलन में आईएसए से जुड़े 61 देश गठबंधन में शामिल हो गए हैं, जबकि कुछ अन्य देशों ने फ्रेमवर्क समझौते की पुष्टि कर दी है.

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