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13 October 2018

रैपिड एक्शन फ़ोर्स की पांच नई बटालियनों के गठन की घोषणा

भारत के अर्धसैनिक बल रैपिड एक्शन फ़ोर्स (आरएएफ) की पांच नई बटालियनों के गठन की घोषणा की गई है. इसके तहत भारत में पांच नये आरएएफ बेस बनाए जायेंगे. ऐसा करने पर देश में आरएएफ की कुल बटालियनों की संख्या 15 हो जाएगी. वाराणसी के अतिरिक्त रैपिड एक्शन फ़ोर्स की चार नई बटालियन जयपुर (राजस्थान), मंगलोर (कर्नाटक), हाजीपुर (बिहार) और नूह (हरियाणा) में होंगी. वाराणसी उत्तर प्रदेश में आरएएफ का चौथा बेस होगा, इनमें तीन मेरठ, इलाहाबाद और अलीगढ़ में हैं. पांच नए केंद्रों के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और पांच बटालियन जल्द अपने स्थाई क्षेत्रों से परिचालन शुरू कर देंगी. आरएएफ की एक बटालियन में करीब 1000 जवान होते हैं और इसमें पंप एक्शन गन, आंसू गैस ग्रेनेड लांचर और अन्य गैर-घातक हथियार तथा उपकरण होते हैं.

रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) दरअसल देश के सबसे बड़े अर्द्ध सैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का हिस्सा है. आरएएफ का गठन और उसका संचालन अक्टूबर, 1992 में शुरू हुआ था. इसके गठन का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में दंगा रोकने या भीड़ को काबू करने के लिए कम-से-कम समय में उस स्थान पर पहुंचना और जल्द-से-जल्द कार्रवाई करना है. पहले से स्थापित दस आरएएफ बटालियनों के बेस हैदराबाद, अहमदाबाद, इलाहाबाद, मुंबई, दिल्ली, अलीगढ़, कोयंबटूर, जमशेदपुर, भोपाल और मेरठ में हैं. इन ईकाईयों को दंगों, दंगों जैसी उत्पबन्नद स्थितियों, समाज के सभी वर्गों के बीच विश्वादस पैदा करने अैर आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी के लिए गठित किया गया था.

• इस विशेष फोर्स में 10 बटालियन हैं जबकि सीआरपीएफ में बटालियन संख्यार 99 से 108 हैं, इनकी अध्य क्षता, महानिरीक्षक अधिकारी के द्वारा की जाती है. वर्तमान में आरएएफ, आईजी, आर.एन. मिश्रा हैं.

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