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17 October 2018

डीआरडीओ ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित एक वेबसाइट लॉन्च की

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा 15 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली के डीआरडीओ भवन में पूर्व राष्ट्रपति और डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख भारत रत्न डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम की 87वीं जयंती मनाई गई. इस अवसर पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन भी मौजूद थीं. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘द कलाम विजन- डेयर टू ड्रीम’ विषय पर डीआरडीओ की समर्पित वेबसाइट लांच की. रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कलाम से मुलाकात का अपना अनुभव साझा किया. उन्होंने कहा कि वे न केवल एक अच्छे वैज्ञानिक थे बल्कि एक उत्कृष्ट प्रशासक भी थे, जो अपनी टीम के सदस्यों की प्रतिभा पहचानते थे और उसका पोषण करते थे.

यह वेबसाइट उभरती टेक्नोलॉजी यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, ऑटोमोनस प्रणाली में युवाओं को आकर्षित करने के लिए बनाई गई है. साथ ही यह वेबसाइट विद्यार्थियों और स्टार्ट अप के लिए खुली स्पर्धा में भाग लेने में मदद करेगी. यह वेबसाइट https://drdo.gov.in/drdo/kalam/kalam.html पर उपलब्ध है.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ): रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO, डिफेंस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ऑर्गैनाइज़ेशन) भारत की रक्षा से जुड़े अनुसंधान कार्यों के लिये देश की अग्रणी संस्था है. इसकी स्थापना वर्ष 1958 में की गई थी. वर्तमान में यहां राडार, प्रक्षेपास्त्र इत्यादि से संबंधित कई बड़ी परियोजनाएँ चल रही हैं. डीआरडीओ रक्षा प्रणालियों के डिजाइन एवं विकास के लिए समर्पित है और तीनों रक्षा सेवाओं की अभिव्यक्त गुणात्मक आवश्यकताओं के अनुसार विश्व स्तर के हथियार प्रणालियों और उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है. डीआरडीओ सैन्य प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिसमें वैमानिकी, शस्त्रों, संग्राम वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग प्रणालियों, मिसाइल, सामग्री, नौसेना प्रणालियों, उन्नत कंप्यूटिंग, सिमुलेशन और जीवन विज्ञान शामिल है. डीआरडीओ अत्याधुनिक आयुध प्रौद्योगिकी की आवश्यकतापूर्ति के साथ-साथ समाज के लिए स्पिन ऑफ लाभ देकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है.

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