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17 October 2018

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार परिषद का चुनाव जीता

भारत ने संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च मानवाधिकार इकाई संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) का चुनाव बहुमत के साथ जीत लिया है. इसका कार्यकाल तीन साल के लिए होगा जो 1 जनवरी 2019 से शुरू होगा. एशिया पसिफिक क्षेत्र कैटिगरी में भारत को 188 वोट मिले हैं, जो कि सभी कैंडिडेट्स में सबसे ज्यादा रहा. भारत को बहुमत के साथ 188 वोट मिले. 193 सदस्यों की यूएन जनरल असेंबली ने नए सदस्यों के लिए चुनाव किया था. गुप्त चुनाव के जरिए 18 नए सदस्य पूर्ण बहुमत से चुने गए हैं. किसी भी देश को यूएनएचआरसी का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम 97 वोट की जरूरत होती है. 

भारत ने एशिया-पसिफिक क्षेत्र में अपनी सीट पक्की की है. वहीं इस कैटिगरी में भारत के अलावा बहरीन, बांग्लादेश, फिजी और फिलिपींस भी चुनाव में अपना हाथ आजमा रहे थे. वोटिंग में इन पांच देशों में भारत को सबसे ज्यादा 188 वोट मिले. चूंकि पांच सीटों के लिए पांच देश चुनाव लड़ रहे थे, ऐसे में भारत का चुनाव जीतना तय माना जा रहा था. जेनेवा में स्थित यूएनएचआरसी में इससे पहले 2011-2014 और 2014-2017 के लिए भारत निर्वाचित हुआ था. भारत का पिछला कार्यकाल 31 दिसंबर 2017 को पूरा हुआ था. नियम के अनुसार लगातार दो कार्यकाल के बाद कोई भी देश तुरंत तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकता है. 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) एक अंतर-सरकारी निकाय है जो मानव अधिकारों की रक्षा करता है एवं उनको बढ़ावा देता है. यह मानवीय गरिमा के सार्वभौमिक आदर्शों के लिए दुनिया की प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है. संयुक्त राष्ट्र संघ ने मानव अधिकार आयोग की स्थापना वर्ष 1946-47 में आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् की एक कार्यात्मक समिति के रूप में की थी, जिसका मुख्य कार्य-प्रतिवेदन तैयार करना, अधिकारों के अंतर्राष्ट्रीय बिल, नागरिक स्वतंत्रता, स्त्री दशा एवं मानवाधिकार सम्बन्धी विषयों पर अपनी अनुशंसाएं प्रकट करना था. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 मार्च 2006 को एक नई मानवाधिकार परिषद् के गठन का प्रस्ताव पारित किया. इस 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद् ने 53 सदस्यीय मानवाधिकार आयोग का स्थान लिया है.

मार्च 2006 में स्थापित हुए यूएनएचआरसी में कुल 47 निर्वाचित सदस्य देश हैं. भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सदस्यों को पांच क्षेत्रीय समूहों में बांटा गया है. अफ्रीकन स्टेट्स में 13 सदस्य, एशिया-पसिफिक में 13 सदस्य, ईस्टर्न यूरोपियन स्टेट्स में 6 सदस्य, लैटिन अमेरिकन और कैरिबियन स्टेट्स में 8-8 सदस्य, जबकि वेस्टर्न यूरोपियन और अन्य स्टेट्स के लिए 7 सीटें निर्धारित हैं. जो नए सदस्य चुने गए हैं, उन देशों के नाम हैं- बुर्किना फासो, कैमरून, इरिट्रिया, सोमालिया, और टोगो. यह सभी अफ्रीकन स्टेट्स कैटिगरी में हैं. वहीं ईस्टर्न यूरोपियन स्टेट्स ग्रुप में बुल्गारिया और चेक रिपब्लिक, जबकि लैटिन अमेरिकन-कैरिबियन स्टेट्स कैटिगरी में अर्जेंटीना, बहामास और उरुग्वे शामिल हैं. इसके अलावा वेस्टर्न यूरोपियन और अन्य राज्यों की कैटिगरी में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और इटली नए सदस्य निर्वाचित हुए हैं.

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