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23 November 2018

बीबीसी द्वारा जारी विश्व की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में 3 भारतीय महिलाएं शामिल

बीबीसी ने 19 नवम्बर 2018 को विश्व की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची जारी की. इसमें विश्व के अलग-अलग देशों की 100 महिलाओं को स्थान दिया गया है. इस सूची में जहां भारत की तीन महिलाएं हैं, वहीं पाकिस्तान की एक महिला शामिल है जो कि एक हिंदू हैं. इस सूची में 15 से 60 वर्ष की 100 महिलायें हैं जिन्हें 60 देशों से चयनित किया गया है. इस सूची में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की बेटी चेल्सिया क्लिंटन का भी नाम है. उन्हें क्लिंटन फाउंडेशन के लिए उल्लेखनीय कार्य करने के लिए नामित किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने लाचार सीरियाई छात्रा नुजीन मुस्तफा के जरिये शरणार्थियों की मदद की.

मीना गाएन: मीना (36 वर्ष) एक व्यापारी हैं तथा उन्होंने अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर सुंदरबन डेल्टा में अपने गांव तक पक्की सड़क बनाई है ताकि उनका गांव क्षेत्र के अन्य क्षेत्रों से जुड़ सके. इन्हें सूची में 33वें स्थान पर रखा गया है.

विजी पेनकुट्टू: विजी (50 वर्ष) केरल की रहने वाली हैं तथा उन्होंने अपने क्षेत्र में महिलाओं के अधिकारों के लिए महिलाओं की यूनियन बनाई है. यह यूनियन महिला कामगारों तथा अन्य महिलाओं के हितों के लिए आवाज़ उठाती है. उनके प्रयासों के फलस्वरूप ही महिला कामगारों को, फैक्ट्री आदि में, काम के वक्त बैठने का अधिकार प्राप्त हो सका है. वे बीबीसी की सूची में 73वें स्थान पर हैं.

रहीबी सोमा: रहीबी सोमा पोपेरे (55 वर्ष) पश्चिमी भारत में कार्यरत हैं तथा यहां वे बीजों के संरक्षण का कार्य करती हैं. रहीबी स्वयं एक किसान हैं तथा उन्होंने भारत में सीड बैंक (बीज बैंक) तैयार किया है. इन्हें सूची में 76वें स्थान पर रखा गया है.

भारत के अतिरिक्त पाकिस्तान की हिंदू महिला सांसद कृष्णा कुमारी कोहली को भी बीबीसी ने दुनिया की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में रखा है. कृष्णा (40) पाकिस्तान में मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए जानी जाती हैं. कृष्णा हिंदुओं के थारी वर्ग से आती हैं. वह मूल रूप से कोली जाति की हैं और सिंध प्रांत के एक दूरदराज के गांव की रहने वाली हैं. वह पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद में पहुंची हैं. उन्होंने पाकिस्तान में बंधुआ मजदूरों और महिलाओं की समस्याओं पर वर्षों संघर्ष किया था. कृष्णा और उनके परिवार ने तीन साल तक खुद भी बंधुआ मजदूरी की है.

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