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28 November 2018

अंतरराष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन ने ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन रिपोर्ट-2018 जारी की

संयुक्त राष्ट्र ने वायु प्रदूषण के जानलेवा स्तर तक पहुंचने को लेकर विश्व समुदाय को कड़ी चेतावनी दी है. उसने चेताया है कि वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों (कार्बन डाई ऑक्साइड, मिथेन, जल वाष्प आदि) की मात्रा एक नए रिकार्ड ऊंचाई तक पहुंच चुका है. इस प्राणघातक समस्या से निपटने में देरी की अब कोई गुंजाइश नहीं रह गई है. संयुक्त राष्ट्र के मौसम से संबंधित संगठन व‌र्ल्ड मीटीऑरलाजिकल आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएमओ) ने अपनी सालाना रिपोर्ट में यह चेतावनी दी है.


डब्ल्यूएमओ की इस साल की रिपोर्ट में 2017 के आंकड़े दिए हुए हैं. इसके अनुसार, वायुमंडल में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा 2015 और 2016 के मुकाबले 2017 में ज्यादा बढ़ी है. इसके अलावा मिथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाली सीएफएल-11 गैसों की मात्रा में भी भारी बढ़ोतरी हुई है. डब्ल्यूएमओ की उप प्रमुख एलेना मानेनकोवा के मुताबिक, वातावरण में मौजूद आवश्यकता से अधिक कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा को हटाने के लिए वर्तमान में कोई जादू की छड़ी नहीं है. इसमें भारी कटौती करना ही जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने का एकमात्र रास्ता है. डब्ल्यूएमओ  के अनुसार कार्बन डाई ऑक्साइड व अन्य ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में भारी कटौती नहीं की गई तो जलवायु परिवर्तन का धरती पर जीवन के लिए विनाशकारी असर होगा. इस समस्या से मुकाबले का अवसर लगभग खत्म हो चुका है. ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन कम करने को लेकर फौरी क्रांतिकारी कदम उठाने होंगे.

डब्ल्यूएमओ की ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन शीर्षक रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब जलवायु परिवर्तन को लेकर वैश्विक सम्मेलन का आयोजन अगले महीने पोलैंड में होने जा रहा है। इस बीच मार्शल द्वीपसमूह गणराज्य की राजधानी मजुरो में क्लाइमेट चेंज पर आयोजित ऑनलाइन सम्मेलन को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने इस बात पर चिंता जताई कि वैश्विक तापमान वृद्धि की समस्या से निपटने के लिए विश्व समुदाय अपेक्षित कदम नहीं उठा रहा है. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने में अब देरी कोई गुंजाइश नहीं है. इस पर फौरन कदम उठाने की जरूरत है वर्ना समय हाथ से निकल जाएगा.

विश्व मौसम विज्ञान संगठन: विश्व मौसम विज्ञान संगठन एक मौसम विज्ञान संगठन है को 23 मार्च 1950 में स्थापित किया गया था. यह संगठन पृथ्वी के वायुमंडल की परिस्थिति और व्यवहार, महासागरों के साथ इसके संबंध, मौसम और परिणामस्वरूप जल संसाधनों के वितरण के बारे में जानकारी देने के लिये संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक संस्था है. कुल 191 सदस्यों वाले विश्व मौसम विज्ञान संगठन का मुख्यालय जिनेवा में स्थित है.

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