07 November 2018

भारत और जापान के बीच प्रथम संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘धर्म गार्जियन-2018’ मिजोरम में शुरू हुआ

भारत और जापान सैन्‍य सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रथम संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘धर्म गार्जियन-2018’ का आयोजन मिजोरम में शुरू हो चूका हैं. यह आयोजन 01 नवम्‍बर से 14 नवम्‍बर 2018 तक मिजोरम के वैरेंटे में स्थित काउंटर इन्‍सर्जेंसी वारफेयर स्‍कूल में हो रहा है. इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के सेनाओं के बीच आपसी समझ और सम्मान विकसित करना है, साथ ही आतंकवाद की वैश्विक घटनाओं को ट्रैक करने में भी सुविधा है. पखवाड़े लंबे संयुक्त सैन्य अभ्यास भारतीय और जापानी सशस्त्र बलों के बीच अंतःक्रियाशीलता पर ध्यान केंद्रित करेंगे. शहरी युद्ध क्षेत्रों में खतरों के खिलाफ सामरिक ड्रिल की योजना और निष्पादन सहित दोनों देशों को एक साथ प्रशिक्षित किया जाएगा. इसके अलावा, दोनों देशों के विशेषज्ञ सैन्य संचालन के विभिन्न पहलुओं के बारे में चर्चा करेंगे.

इस अभ्यास में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व 6/1 गोरखा राइफल्स द्वारा किया जाएगा, जबकि जापानी ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स अपनी 32 इन्फैंट्री रेजिमेंट को मैदान में रखेगा. इस अभ्यास का जोर अंतःक्रियाशीलता के निर्माण पर होगा. शहरी युद्ध परिदृश्य में होने वाले संभावित खतरों के तटस्थ होने के लिए दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त रूप से अच्छी तरह से विकसित रणनीतिक ड्रिल की श्रृंखला को प्रशिक्षित, योजना और निष्पादित करेंगी. इसके अलावा, दोनों पक्षों के विशेषज्ञ विभिन्न परिचालन पहलुओं पर अपनी विशेषज्ञता साझा करने के लिए विस्तृत चर्चा भी करेंगे.

धर्म अभिभावक 2018 संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण रणनीतिक संबंधों, रक्षा सहयोग और दोनों देशों के बीच पारस्परिक समझ को मजबूत करेगा. यह निर्णय पिछले वर्ष भारत में वार्षिक भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान मानवीय सहायता और आपदा राहत (HA/DR) में संयुक्त अभ्यास और सहयोग का विस्तार करने के लिए लिया गया था.  इससे आतंकवाद से जुड़े वैश्विक घटनाक्रम पर करीबी नजर रखने में भी आसानी होगी. भारत और जापान के प्रगतिशील सबंधों में यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा. यह अभ्यास जापान की थल सेना के साथ पहला सैनिक अभ्यास हैं.

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