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23 November 2018

केंद्र सरकार और विश्व बैंक ने 310 मिलियन डॉलर के ऋण समझौता पर हस्ताक्षर किया

केंद्र सरकार और विश्व बैंक ने 20 नवम्बर 2018 को नई दिल्‍ली में झारखंड विद्युत प्रणाली सुधार परियोजना के लिए 310 मिलियन डॉलर के ऋण समझौता पर हस्ताक्षर किया. झारखंड के लोगों को 24 x 7 विश्‍वसनीय, गुणवत्‍तासंपन्‍न तथा किफायती बिजली प्रदान करने के उद्देश्‍य से झारखंड विद्युत प्रणाली सुधार परियोजना के लिए भारत सरकार, झारखंड सरकार तथा विश्‍व बैंक ने ऋण समझौता पर हस्‍ताक्षर किया. परियोजना के लिए समझौता पर भारत सरकार की ओर से वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के अपर सचिव समीर कुमार खरे, झारखंड सरकार की ओर से वहां के ऊर्जा विभाग की सचिव वंदना ददेल और विश्‍व बैंक की ओर से वर्ल्‍ड बैंक इंडिया के कंट्री डायरेक्‍टर जुनैद अहमद ने हस्‍ताक्षर किया.

झारखंड विद्युत प्रणाली सुधार परियोजना से झारखंड में नई बिजली ट्रांसमिशन संरचना बनाने में मदद मिलेगी और राज्य की बिजली क्षेत्र की कंपनियों की तकनीकी दक्षता और वाणिज्‍यिक प्रदर्शन में सुधार होगा. परियोजना से ऑटोमेटेड सब-स्‍टेशन तथा नेटवर्क विश्‍लेषण और नियोजन उपकरण जैसे आधुनिक टेक्‍नोलॉजी समाधान लागू करने में मदद मिलेगी. इससे बिजली की विश्‍वसनीय आपूर्ति हेागी और उपभोक्‍ताओं की संतुष्‍टि में वृद्धि होगी. प्रस्‍तावित निवेश का उद्देश्‍य बिजली ट्रांसमिशन संरचना में सुधार करना है. परियोजना सरकारी क्षेत्र की बिजली ट्रांसमिशन और वितरण कंपनियों की संस्‍थागत क्षमताओं को विकसित करने और उनके संचालन में सुधार पर फोकस करेगी.

पुनर्निमाण और विकास के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय बैंक (आईबीआरडी) से 310 मिलियन डॉलर के ऋण की रियायत अवधि 5 वर्ष है और इस ऋण की अंतिम परिपक्वता अवधि 25 वर्ष है. यह परियोजना भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014 में लांच किए गए सबके लिए बिजली कार्यक्रम का हिस्‍सा है. योजना में निजी और सार्वजनिक निवेश के माध्‍यम से वर्ष 2022 तक 4.5 गीगावाट बिजली उत्‍पादन क्षमता (सौर ऊर्जा से 1.5 गीगावाट उत्‍पादन सहित) को जोड़ने का प्रावधान है.

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