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12 November 2018

यमन में 70 लाख बच्चे भुखमरी से प्रभावित: यूनिसेफ

संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय बाल आपात कोष (यूनिसेफ) द्वारा हाल ही में यमन में बच्चों की दयनीय हालत पर रिपोर्ट जारी की गई है. यूनिसेफ के अनुसार यमन में 70 लाख से भी अधिक बच्चे गंभीर भुखमरी का सामना कर रहे हैं और 2015 से अब तक छह हजार बच्चे मारे जा चुके हैं या गंभीर रूप से परेशान हैं. यमन की न्यूज एजेंसी के मुताबिक सऊदी की अगुवाई वाले युद्ध ने देश में बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया और अस्पतालों, स्कूलों और कारखानों को नष्ट कर रहा है और अब तक 56,000 यमन नागरिक मारे गये हैं. यमन में लगभग 20 लाख महिलाओं को भूख के कारण बेहद खतरनाक हालत में रहना पड़ रहा है. वहीं करीब 11 लाख महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें एक वक्त का खाना भी नहीं मिल पा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि दो करोड़ 22 लाख यमनी नागरिकों को भोजन की सख्त जरूरत है, जिसमें 84 लाख लोगों के गंभीर भुखमरी के शिकार होने की चेतावनी दी गयी है. यमन 100 वर्षों के सबसे बड़े अकाल से गुजर रहा है. यूनिसेफ के मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के क्षेत्रीय निदेशक गीर्ट कैप्लेरे का कहना है कि यमन में भुखमरी के चलते 10,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और एक करोड़ 40 लाख से अधिक लोगों में आधे से ज्यादा बच्चे और इसके अतिरिक्त एक लाख बच्चे खाने को लेकर असुरक्षित हैं. परिवारों को सामान्य खाने और उपचार की खातिर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा की यमन की दो तिहाई (64.5 प्रतिशत) से अधिक जनसंख्या को नहीं पता की अगले वक्त का खाना कहां से आयेगा.

संयुक्त राष्ट्र ने पहले अकाल में 1.1 करोड़ लोगों के प्रभावित होने की बात कही थी लेकिन अब उनके मुताबिक 1.4 करोड़ लोग इस भयंकर अकाल की चपेट में आ सकते हैं. यमन में 2015 से भीषण संघर्ष चल रहा है, जिसमें अब तक हज़ारों लोगों की मौत हो चुकी है और संयुक्त राष्ट्र ने इसे दुनिया का सबसे बदतर मानवीय संकट करार दिया है.

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