मासिक करेंट अफेयर्स

04 November 2018

ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में भारत 77वें स्थान पर

विश्व बैंक की 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' रिपोर्ट में भारत ने 23 स्थानों की ज़बरदस्त छलांग लगाते हुए 77वां स्थान हासिल किया है. विश्व बैंक ने 31 अक्टूबर 2018 को वैश्विक कारोबार सुगमता (ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस) रिपोर्ट जारी की. भारत का यह रैंकिंग अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. दस में से 8 मानकों में भारत की स्थिति सुधरी है. दरअसल, पिछले वर्ष 190 देशों की सूची में भारत को पहली बार शीर्ष 100 में जगह मिली थी. पिछले 2 वर्षों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स की रैंकिंग में सुधार करने वाले टॉप 10 देशों में भारत भी शामिल है. वहीं, दक्षिण एशियाई देशों में भारत की रैंक फर्स्ट है. इससे पहले साल 2014 में भारत 6वें स्थान पर था.

भारत द्वारा ‘कारोबार में सुगमता’ सूचकांक में लगाई गई 23 पायदानों की ऊंची छलांग निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण हैं क्योंकि पिछले वर्ष इस सूचकांक में भारत ने अपनी रैंकिंग में 30 पायदानों की जबर्दस्त छलांग लगाई थी जो भारत के आकार वाले किसी भी विशाल एवं विविधतापूर्ण देश के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है. भारत ने दो वर्षों में अपनी रैंकिंग में 53 पायदानों की ऊंची छलांग लगाई है जो डूइंग बिजनेस आकलन में वर्ष 2011 के बाद किसी भी बड़े देश द्वारा दो वर्षों में किये गये सर्वाधिक बेहतरी को दर्शाता है. भारत ने वर्ष 2003 से अब तक 37 बड़े सुधार लागू किए हैं. इस रिपोर्ट में वर्ष 2017 में दिल्ली और मुंबई को शामिल किया गया था. 

कारोबार सुगमता रैंकिंग में न्यूजीलैंड शीर्ष पर है. उसके बाद क्रमश: सिंगापुर, डेनमार्क और हांगकांग का नंबर आता है. सूची में अमेरिका आठवें, चीन 46वें और पाकिस्तान 136वें स्थान पर है. विश्व बैंक ने इस मामले में सबसे अधिक सुधार करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में भारत को दसवें स्थान पर रखा है. रिपोर्ट में किसी कारोबार को शुरू करना, कंस्ट्रक्शन परमिट, क्रेडिट मिलना, छोटे निवेशकों की सुरक्षा, टैक्स देना, विदेशों में ट्रेड, कॉन्ट्रैक्ट लागू करना और दिवालिया शोधन प्रक्रिया को आधार बनाया जाता है.

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस से अर्थ है कि देश में कारोबार करने में कारोबारियों को कितनी आसानी होती है. कारोबार के नियामकों और उनके नियमों के अनुसार 10 मानकों पर कारोबार करने की शर्तों को देखा जाता है कि किसी देश में ये कितना आसान या मुश्किल है. डूईंग बिजनेस रैंकिंग डिस्टेंस टू फ्रंटियर (डीटीएफ) के आधार पर तय किया जाता है और ये स्कोर दिखाता है कि वैश्विक मानकों पर अर्थव्यवस्था कारोबार के मामले में कितना अच्छा प्रदर्शन कर रही है. वर्ष 2018 में भारत का डीटीएफ स्कोर पिछले साल के 60.76 से बढ़कर 67.23 पर आ गया है.

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