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01 November 2018

कोचीन में देश के सबसे बड़े ड्राई डॉक के निर्माण की घोषणा

भारत के सबसे बड़े ड्राई डॉक का निर्माण किये जाने हेतु केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा हाल ही में परियोजना का शिलान्यास किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी परियोजना मेक इन इंडिया के तहत इसका निर्माण किया जायेगा. इस अवसर पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार के पास सीएसएल या अन्य किसी सार्वजनिर क्षेत्र की इकाइयों के निजीकरण की कोई योजना नहीं है. देश में वाणिज्यिक जहाज निर्माण उद्योग 3,200 करोड़ रुपये का है, जो मुख्य रुप से छोटे-मध्यम आकार के जहाजों और कार्गो/थोक वाहकों पर केंद्रित है.

कोचीन शिपयार्ड शुष्क डॉक के साथ तकनीकी रुप से उन्नत और विशेष विमान वाहक जैसे एलएनजी कैरियर, ड्रिल जहाज, जैक अप रिंग, भारतीय नौसेना और उच्च शोध जहाज के निर्माण में सक्षम होगा. डॉक में जल उपचार संयंत्र और ग्रीन बेल्ट विकास भी होगा. यह नया ड्राइ डॉक 310 मीटर लंबा व 75 मीटर चौड़ा होने के साथ ही 13 मीटर गहरा भी होगा. इस डॉक का उपयोग समुद्री जहाज के निर्माण व उसकी मरम्मत के लिए किया जाएगा. इस डॉक में एलएनजी कैरिज, ड्रिल शिप व इंडियन नैवी के विमानवाहक पोत को भी खड़ा किया किया जा सकेगा. 

इस ड्राइ डॉक के निर्माण के साथ ही वैश्विक जहाज़ निर्माण में भारत की हिस्सेदारी में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. वर्तमान समय में वैश्विक जहाज़ निर्माण कार्य में भारत की हिस्सेदारी मात्र 0.66 प्रतिशत की है, ऐसे में यह परियोजना देश में जहाज़ निर्माण व्यवसाय को नयी दिशा देगी. इस परियोजना के मई 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है. इस निर्माण कार्य से जुड़े लोगों का मानना है कि इसके बनने से देश के जहाज़ निर्माण व्यवसाय में एक नया आयाम देखने को मिलेगा, साथ ही इसके तहत करीब 2 हज़ार लोगों को नौकरी भी मिलेंगी.

ड्राई डॉक (शुष्क गोदी): ड्राई डॉक (शुष्क गोदी) एक ऐसा संरचित क्षेत्र होता है जिसमें व्यापारिक जहाजों और नौकाओं के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव संबंधी कार्य किए जाते हैं. इसके विशेष प्रकार के निर्माण में पानी भरा जा सकता है जिसे लॉक एरिया कहा जाता है, इससे जहाज इस क्षेत्र में आ-जा सकते हैं. एक बार जहाज के अंदर आ जाने पर मुख्य द्वार बंद कर दिए जाते हैं तथा समुद्र के पानी को बाहर निकाल दिया जाता है. ऐसा करने पर जहाज को लंबे समय तक यहां रखा जा सकता है तथा मरम्मत का काम किया जा सकता है. 

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