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28 November 2018

केंद्र सरकार ने सस्ते लोन और ब्याज में छूट के लिए पैसा पोर्टल लांच किया

केंद्र की मोदी सरकार ने 26 नवम्बर 2018 को छोटे कारोबारियों को सस्ता लोन और ब्याज दर में छूट के लिए ‘पैसा’ पोर्टल का शुभारंभ किया. इससे जल्द ही राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें जुड़ जाएंगी. यह पोर्टल दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत लाभार्थियों को बैंक लोन पर ब्याज अनुदान की प्रोसेसिंग के लिए एक केंद्रीयकृत इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म है. इस वेब प्लेटफॉर्म को इलाहाबाद बैंक ने तैयार किया है. बता दें कि इलाहाबाद बैंक को इसका नोडल बैंक बनाया गया है. इस पोर्टल की शुरूआत करते हुए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा, 'पैसा-पोर्टल लाभार्थियों को सीधे जोड़ने के लिए सरकार का एक प्रयास है. इसमें सेवाएं प्रदान करने में अधिक पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की गई है. डीएवाई-एनयूएमएल के तहत मासिक आधार पर अनुदान का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) होने से छोटे उद्यमियों को समय-समय पर आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी.

इस पोर्टल के जरिए योजना के लाभार्थी सीधे सरकार से जुड़ सकेंगे और सेवाओं की आपूर्ति में पारदर्शिता और कुशलता आएगी. इससे छोटे कारोबारियों को समय पर मदद मिल सकेगी. वर्ष 2018 के अंत तक सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इससे जुड़ जाएगीं. इसके अलावा वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों को भी इससे जोड़ा जाएगा. राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत अभी तक कुल 36258 लाभार्थियों के लिए 51,177 लाख रुपए का लोन स्वीकृत किया गया है. इसमें 16577 महिला लाभार्थी भी शामिल हैं. लाभार्थियों को अभी तक ब्याज में 145 लाख रुपए की राहत भी दी जा चुकी है.

दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन: दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन 23 सितम्बर 2013 को आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय मंत्रालय द्वारा स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना की जगह इस मिशन की शुरुआत की गई. इस मिशन का उद्देश्य शहरों क्षेत्रों में लाभोन्मुखी स्वरोजगार एवं कौशल आधारित रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है ताकि शहरी गरीब परिवारों को उनकी गरीबी एवं कठिनाइयों का सही तरह से निपटाया जा सके. इसके अलावा मिशन के तहत क्रेडिट तक आसान पहुंच सुनिश्चित करके स्व-रोजगार स्थापित करने में उनकी मदद भी की जाएगी. मिशन का लक्ष्य शहरी बेघर हेतु आवश्यक सेवाओं से सुसज्जित आश्रय प्रदान करना है. मिशन शहरी सड़क विक्रेताओं की आजीविका से संबंधित समस्याओं पर भी ध्यान देगा. सरकार ने शहरी गरीबी निवारण के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में देश के लगभग सभी स्थानीय निकायों को शामिल करने का फैसला किया है.

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