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19 November 2018

क्वाड देशों की तीसरी बैठक सिंगापुर में संपन्न


आसियान सम्मेलन के दौरान क्वाड देशों-भारत, अमेरिका, जापान तथा ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त सचिव स्तर की तीसरी बैठक संपन्न हुईं. ‘क्वाड’ इन चार देशों (भारत, अमेरिका, जापान तथा ऑस्ट्रेलिया) की अनौपचारिक रणनीतिक वार्ता है. 13वें आसियान सम्मेलन के दौरान ही क्वाड सम्मेलन का भी आयेाजन किया गया था. यह क्वाड सम्मेलन मुख्यत: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अवसंरचनात्मक परियोजनाओं एवं समुद्री सुरक्षा योजनाओं पर केंद्रित था.

क्वाड देशों की बैठक में चर्चा के प्रमुख विषयों में कनेक्टिविटी, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, काउंटर टेररिज़्म, नॉन-प्रालिफेरेशन एवं मैरीटाइम और साइबर सिक्यूरिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग करना शामिल थे. सभी सदस्य देशों ने व्यापक आर्थिक विकास का भी समर्थन किया जिससे क्षेत्र की पूरी क्षमता का उपयोग किया जा सके. यह भी कहा गया कि क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिये तेज़ी से कार्य किया जाना आवश्यक है. यह अंतरराष्ट्रीय मानकों जैसे - खुलापन, पारदर्शिता, आर्थिक सक्षमता और ऋण स्थिरता पर आधारित होना चाहिए. भारत ने क्वाड का सैन्यीकरण किये जाने पर हमेशा से ही एतराज जताया है उसका मानना है कि क्वाड का उपयोग सिर्फ असैनिक/नागरिक मुद्दों के लिये होना चाहिये.

क्वाड के बारे में जानकारी: जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने चीन के बढ़ते प्रभुत्व के कारण उत्पन्न हो रही भू-राजनैतिक और भू-रणनीतिक चिंताओं के मद्देनजर, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा भारत के नेतृत्वकर्त्ताओं के परामर्श से 2007 में रणीनतिक वार्ता के रूप में ‘क्वाड’ की शुरुआत की. क्वाड के इस विचार ने आसियान क्षेत्र में एक मिश्रित प्रतिक्रिया को जन्म दिया एवं चीन और रूस खुले तौर पर इसके विरोध में सामने आए. हालाँकि 2008 में ऑस्ट्रेलिया द्वारा इस ग्रुप से बाहर आने के कारण यह वार्ता शिथिल पड़ गयी थी लेकिन बाद में वह पुन: इस वार्ता में शामिल हो गया. वर्ष 2017 में इस अनौपचारिक समूह को पुनर्जीवित किया गया ताकि एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित किया जा सके.

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