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20 November 2018

संजय कुमार मिश्रा प्रवर्तन निदेशालय के पूर्णकालिक निदेशक बनाए गये

आईआरएस अधिकारी संजय कुमार मिश्रा को 17 नवम्बर 2018 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का पूर्णकालिक प्रमुख नियुक्त किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने एक आदेश जारी कर मिश्रा को पद ग्रहण करने की तारीख से दो साल तक या अगले आदेश तक जो भी पहले हो’ तक का कार्यकाल दिया है. संजय कुमार मिश्रा आयकर कैडर के 1984 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी हैं जिन्हें 27 अक्टूबर को केन्द्रीय जांच एजेंसी में प्रधान विशेष निदेशक नियुक्त किया गया था और तीन महीने के लिए ईडी निदेशक का ‘अतिरिक्त’ प्रभार सौंपा गया था. ईडी निदेशक का पद केन्द्र सरकार में अतिरिक्त सचिव के पद के समतुल्य होता है.

मिश्रा को एजेंसी में नए सृजित किए गए प्रिंसिपल स्पेशल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया था. वे इस पद पर आसीन होने वाले दूसरे व्यक्ति थे. इस पद पर पहली बार 1988 बैच के आईआरएस अधिकारी सीमांचल दास को नियुक्त किया गया था. संजय मिश्रा को तीन महीने के लिए यह जिम्मेदारी दी गई थी. उन्हें अब पूर्णकालिक निदेशक बना दिया गया है. गौरतलब है कि संजय मिश्रा 1984 बैच के अधिकारी हैं और कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच को लेकर चर्चा में रहे हैं. इनमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी से जुड़ा नेशनल हेराल्ड का केस भी शामिल है. इसके अलावा वह बीएसपी प्रमुख मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच भी कर चुके हैं.

प्रवर्तन निदेशालय: प्रवर्तन निदेशालय (मुख्यालय - नई दिल्ली) को वर्ष 1956 में स्थापित किया गया था. यह विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (फेमा) और धन आशोधन अधिनियम के तहत कुछ प्रावधानों को लागू करने के लिए उत्तरदायी है. इसे पीएमएल के तहत मामलों की जांच और मुकदमे से संबंधित कार्य प्रवर्तन निदेशालय को सौंपे गए हैं. यह निदेशालय, परिचालन उद्देश्यों के लिए राजस्व विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन है; फेमा के नीतिगत पहलू, इसके विधायन तथा संशोधन के आर्थिक कार्य विभाग के दायरे में हैं. हालांकि, पीएमएल अधिनियम से संबंधित नीतिगत मुद्दे, राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है. निदेशालय में 10 जोनल अधिकारी हैं जिनमें से प्रत्येक का अध्यक्ष एक उप निदेशक तथा 11 उप जोनल अधिकारी हैं जिनमें से प्रत्येक का एक सहायक निदेशक है.

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