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23 November 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस ग्रैंड चैलेंज लॉन्च किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर ‘कारोबार में सुगमता’ से जुड़ी सात चिन्हित समस्या‍ओं को सुलझाने के लिए ‘ग्रैंड चैलेंज’ का शुभारंभ किया है. इस चैलेंज का उद्देश्य युवा भारतीयों, स्टार्टअप और अन्य निजी उद्यमियों की क्षमताओं का दोहन करना है, ताकि वर्तमान अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर जटिल समस्याओं का समाधान निकाला जा सके. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 नवम्बर 2018 को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय और विदेशी कंपनियों के चुनिंदा
मुख्य का‍र्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ संवाद किया. प्रधानमंत्री ने भारत में कारोबारी माहौल को निरंतर बेहतर करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को अवगत कराया. उन्होंने इस मौके पर विश्व बैंक की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग' पर भारत को शीर्ष 50 देशों में लाने का लक्ष्य भी दोहराया.

इस चैलेंज का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, बिग डेटा एनालिसिस और ब्लॉक चेन जैसी प्रौद्योगिकी पर आधारित इनोवेटिव विचार आमंत्रित करना है. इसके तहत तीन लाख रुपये, दो लाख रुपये और एक लाख रुपये के तीन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. स्टार्ट अप इंडिया पोर्टल पर 19 नवंबर से एक जनवरी 2019 तक इस पर प्रविष्टियां भेजी जा सकेंगी. इसके बाद एक फरवरी 2019 को परिणाम घोषित किए जाएंगे. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि भारत को 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग' पर शीर्ष 50 देशों में लाने के लिए मिलकर प्रयास करने चाहिए. आने वाले दिनों में वह खुद इस विषय से जुड़े अलग-अलग विभागों के साथ समीक्षा करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार दिसंबर तक जो फैसले जमीन पर उतार पाएगी उसका प्रभाव अगले साल की रैंकिंग के नतीजों में दिखेगा.

पीएम ने कहा कि चार साल में देश इस रैंक पर 142 वें स्थान से उठकर 77वें नंबर पर आ गया है. बीते चार साल में देश की रैंक में 65 अंकों का उछाल आया है. उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में भारत आज पहले नंबर पर है. शीर्ष 50 देशों में पहुंचने का का लक्ष्य हासिल करने से हम महज कुछ कदम दूर हैं. केंद्र सरकार इस संबंध में राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को जल्द से जल्द 5 ट्रिलियन डालर (पांच लाख करोड़ डालर) की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर को सुधारना होगा. हमें यह भी याद रखना होगा कि कई क्षेत्रों की परिभाषा बदल रही है. यही वजह है कि सरकार बुनियादी बदलावों को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए औद्योगिक नीति पर काम कर रही है. यह औद्योगिक नीति न्यू इंडिया के उद्यमी के न्यू विजन के अनुरूप होगी. इस औद्योगिक नीति में ईज ऑफ डूइंग का महत्व बना रहेगा.

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