मासिक करेंट अफेयर्स

24 November 2018

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पहली बार यौन उत्पीड़न के विरुद्ध प्रस्ताव को मंज़ूरी दी

संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति ने यौन उत्पीड़न पर एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जो कि विश्व निकाय में अपनी तरह का पहला है. स्वीकृत प्रस्ताव यौन उत्पीड़न के खिलाफ कदम पर एक आदर्श ढांचे के रूप में कार्य करता है, जिसमें सदस्य राष्ट्रों से यौन उत्पीड़न सहित महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा की निंदा करने और ऐसी हिंसा को खत्म करने की नीति अपनाने का आग्रह किया गया है. यह इस बात पर जोर देता है कि राष्ट्रों को महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को खत्म करने के संबंध में अपने दायित्वों से बचने के लिए किसी भी प्रथा, परंपरा या धार्मिक विचार को बीच में नहीं लाना चाहिए. गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव राष्ट्रों से महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न को रोकने और खत्म करने, संरचनात्मक और अंतर्निहित कारणों और जोखिमपूर्ण कारकों से निपटने और यौन उत्पीड़न सहित सभी प्रकार की हिंसा के पीड़ितों की रक्षा करने का आग्रह करता है.

प्रस्ताव में सभी राष्ट्रों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी क्षेत्रों में नियोक्ता अगर यौन उत्पीड़न के मामलों में कानूनों का पालन करने में विफल रहते हैं, तो उनकी जवाबदेही के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. इसने डिजिटल संदर्भो में हिंसा और यौन उत्पीड़न को खत्म करने के दृष्टिकोण के साथ सकारात्मक उपायों को मजबूत करने या अपनाने के लिए, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और डिजिटल प्लेटफार्मों सहित डिजिटल प्रौद्योगिकी कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रों से आग्रह किया है. इसने राष्ट्रों से सभी महिलाओं और उनके यौन और प्रजनन स्वास्थ्य व प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है.

महासभा की तीसरी समिति: संयुक्त राष्ट्र महासभा ऐसे सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक मामलों को, जिनसे दुनियाभर के लोग प्रभावित हो सकते हैं, जिस समिति को आवंटित करती है, उसे तीसरी समिति कहा जाता है. इस तीसरी समिति के कार्य का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर मानवाधिकार परिषद की रिपोर्ट्स पर फोकस करना है. यह समिति महिलाओं की प्रगति, बच्चों क्वे संरक्षण, घरेलू मामलों और शरणार्थियों से होने वाले व्यवहार के मामलों पर भी नज़र रखती है.

No comments:

Post a comment