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20 November 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केएमपी एक्सप्रेस-वे तथा बल्लभगढ़ मेट्रो लिंक का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवम्बर 2018 को 6434 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ केएमपी एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया. पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन हरियाणा के सुल्तानपुर गांव में रैली के दौरान किया. हाई-वे के अलावा पीएम ने बल्लभगढ़-मुजेसर मेट्रो लिंक और कौशल विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया. इस पूरे कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर पीएम मोदी के साथ मौजूद थे. आपको बता दें कि इन तीनों प्रोजेक्ट की लागत तकरीबन 8003 करोड़ रुपये है. केएमपी एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 135.65 किलोमीटर है., और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जोड़ लेने पर कुल लम्बाई 270 किलोमीटर हो जाती है.

केएमपी एक्सप्रेस-वे पर हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गतिसीमा को 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखा गया है, जबकि भारी तथा वाणिज्यिक वाहनों के लिए अधिकतम गतिसीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी. 'बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर' प्रोजेक्ट के तौर पर तैयार किए गए कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर आने-जाने वालों की सुरक्षा के लिए तीन मीटर चौड़े मेटल बीम बैरियर के अलावा पूरे मार्ग पर चेन-लिंक फेन्स भी लगाई गई है. कुल 2,846 एकड़ ज़मीन पर तैयार किए गए एक्सप्रेसवे के ज़रिये पानीपत की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 1 को बहादुरगढ़ के निकट कुंडली पर राष्ट्रीय राजमार्ग 10 से जोड़ा गया है. इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर मानेसर में तथा दिल्ली-आगरा हाईवे पर पलवल के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर भी कनेक्शन बनाए गए हैं. कुल मिलाकर यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के पांच जिलों सोनीपत, गुरुग्राम (गुड़गांव), पलवल, मेवात तथा झज्जर के निवासियों को जोड़ेगा.

बल्लभगढ़ से कश्मीरी गेट तक मेट्रो से अब 75 मिनट में पहुंचा जा सकता है. अभी तक लोगों को ढाई घंटे लगते थे. एस्कॉर्ट्स मुजेसर के आगे संत सूरदास सीही और राजा नाहर सिंह (बल्लभगढ़) दो मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं. इनकी दूरी 3.2 किलोमीटर है. हरियाणा में गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ के बाद मेट्रो से जुड़ने वाला बल्लभगढ़ चौथा शहर बन जाएगा. बदरपुर और राजा नाहर सिंह स्टेशन के बीच हर छह मिनट पर मेट्रो मिलेगी. सभी मेट्रो जो अब तक एस्कॉर्ट्स मुजेसर तक चल रही हैं, अब राजा नाहर सिंह स्टेशन तक जाएंगी.

राजधानी दिल्ली को जाम मुक्त बनाए जाने के लिए दो रिंग रोड बन चुकी हैं. इसमें इनर और आउटर रिंग रोड शामिल हैं. इन्हें क्रमश: महात्मा गांधी मार्ग या मुद्रिका मार्ग या रिंग रोड के नाम से जाना जाता है. दूसरी रिंग रोड का नाम डॉ. हेडगेवार मार्ग या बाहरी रिंग मार्ग है. दोनों की लम्बाई मिलाकर 87 किलोमीटर है. इन रिंग रोड से दिल्ली के परिवहन व्यवस्था मजबूत हुई थी, लेकिन दिल्ली के बाहर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे से रिंग रोड बनी है. ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (केजीपी) का उद्घाटन प्रधानमंत्री 27 मई को पहले ही कर चुके हैं. इससे दिल्ली को सबसे अधिक लाभ होगा. वेस्टर्न एक्सप्रेस-वे खुलने से चार लाख से अधिक वाहनों को दूसरे राज्यों में जाने के लिए दिल्ली में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा. एक अनुमान के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे खुलने से दिल्ली के प्रदूषण में 20 फीसदी तक कमी आएगी.

मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज की संस्था सफर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में प्रतिदिन 11 लाख बाहरी वाहन आते हैं. निजी और भारी वाहनों के चलते प्रदूषण बढ़ रहा है. राजधानी में वाहनों के चलते 41 फीसदी प्रदूषण है. पर्यावरणविद् जितेंद्र नागर के मुताबिक, अगर राजधानी में चार लाख वाहनों की संख्या कम होती है तो करीब 20 फीसदी प्रदूषण कम हो जाएगा. केएमपी एक्सप्रेस-वे के खुलने से राजधानी दिल्ली में भारी वाहनों के दबाव में कमी आएगी. इसका सीधा असर प्रदूषण और ट्रैफिक जाम पर पड़ेगा. तो वहीं पलवल से कुंडली का सफर सिर्फ डेढ़ घंटे में संभव होगा. अभी तक इस सफर में तीन से चार घंटे का समय लगता था.

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