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15 November 2018

पीएम मोदी ने वाराणसी में भारत का पहला जलमार्ग बंदरगाह का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 नवंबर 2018 को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बने देश के पहले मल्टी मॉडल टर्मिनल को राष्ट्र के नाम समर्पित किया. मल्टी मॉडल टर्मिनल के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर गंगा में बने जेटी पर उतरा. यहां से वो पैदल चलते हुए बंदरगाह के टर्मिनल पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मालवाहक जहाज 'टैगोर' से कंटेनर अनलोडिंग की शुरुआत भी की. पीएम द्वारा उद्घाटित वाराणसी के मल्टी मॉडल टर्मिनल को 206 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है. टर्मिनल की 200 मीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी जेटी पर माल की
लोडिंग तथा अनलोडिंग के लिए दुनिया की अत्‍याधुनिक हैवी क्रेन लगाई गई है. जर्मनी में तैयार हुई मोबाइल हार्बर क्रेन की कीमत 28 करोड़ रुपये है. यह जलमार्ग वाराणसी-हल्दिया मार्ग पर बनाया गया है.

गंगा नदी में बंगाल से वाराणसी तक पोत का परिचालन शुरू हो गया है. आज़ाद भारत में पहली बार गंगा के रास्ते एक कंटेनर कोलकाता से वाराणसी पहुंचा है. पेप्सिको कंपनी गंगा नदी के रास्ते जलपोत एमवी आरएन टैगोर के जरिए अपने 16 कंटेनर को कोलकाता से वाराणसी लेकर आई. इनलैंड वाटर हाइवे-1 पर दो जहाजों के माध्यम से ये कंटेनर आए, जिन्हें 30 अक्टूबर को कोलकाता से रवाना किया गया था. यह जलपोत एमवी आरएन टैगोर वाराणसी से इफ्को कंपनी का उर्वरक लेकर वापस कोलकाता लौटेंगे. इस टर्मिनल को हल्दिया-वाराणसी के बीच राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर विकसित किया जा रहा है. इस टर्मिनल के जरिए 1500 से 2000 टन के बड़े जहाजों की भी आवाजाही संभव हो सकेगी.

हल्दिया जलमार्ग शुरू होने से सागरमाला प्रॉजेक्‍ट के जरिए भारत दक्षिण एशिया के कारोबार में चीन के मुकाबले अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा सकेगा. वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने ही सागरमाला प्रॉजेक्ट की शुरुआत की थी ताकि सड़क, विमान के अलावा बदंरगाहों के जरिए भी आर्थिक रूट बन सके और देश में कारोबार को गति मिल सके. इस लिहाज से वाराणसी-हल्दिया जलमार्ग में गंगा के रास्‍ते व्‍यापारिक गतिविधियां होने से रामगनर टर्मिनल के जरिए उत्तर भारत को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, बांग्‍लादेश, नेपाल, म्‍यांमार और अन्‍य दक्षिण एशियाई देशों को जोड़ेगा.

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इण्टरसेप्शन डाइवर्जन ऑफ ड्रेन एण्ड ट्रीटमेण्ट वर्क एट रामनगर-वाराणसी, किला कटरिया मार्ग पर आईआरक्यूपी का कार्य, पूर्व राष्ट्रीय मार्ग संख्या-7 पड़ाव रामनगर (टेगरा मोड़) मार्ग पर आईआरक्यूपी का कार्य, लहरतारा-काशी हिन्दू विश्वविद्यालय मार्ग पर उपरिगामी फुटपाथ का निर्माण, वाराणसी में हेलीपोर्ट का निर्माण, ड्राइवर प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना कार्य आदि परियोजनाओं का शिलान्यास किया.

राष्ट्रीय जलमार्ग-1 - (इलाहाबाद से हल्दिया) - गंगा नदी से गुजरनेवाले 1680 किलोमीटर लंबे इलाहाबाद-हल्दिया जलमार्ग को भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 का दर्जा दिया गया है. गंगा नदी का प्रयोग नागरिक यातायात तथा भारवहन के लिए के लिए काफी समय से किया जाता रहा है. इस जलमार्ग पर स्थित प्रमुख शहर इलाहाबाद, वाराणसी, मुगलसराय, बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, बाढ, मुंगेर, भागलपुर, फरक्का, कोलकाता तथा हल्दिया है.

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