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08 November 2018

अमेरिका ने भारत-चीन समेत आठ देशों को ईरान से तेल आयात करने की छूट दी

अमेरिका ने भारत-चीन समेत आठ देशों को ईरान से तेल आयात करने की छूट दे दी है. बाकी छह देश जापान, इटली, ग्रीस, दक्षिण कोरिया, ताईवान और टर्की हैं. यह जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने दी. ईरान के पेट्रोलियम और बैंकिंग सेक्टर पर अमेरिकी प्रतिबंध 05 नवम्बर 2018 से लागू हो गए. ये ईरान पर लगे अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध हैं. उम्मीद है कि इस प्रतिबंध से ईरान सरकार के बर्ताव में बदलाव आएगा. 

चीन के बाद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा क्रूड खरीदार भारत है. सरकारी तेल कंपनियों की तरफ से मिली सूचना के मुताबिक भारत को मई 2019 तक हर महीने 12.5 लाख टन कच्चा तेल ईरान से खरीदना होगा. इस तरह से भारतीय तेल कंपनियां 75 लाख टन अतिरिक्त कच्चा तेल खरीदने का समझौता कर सकेंगी. भारत ने वर्ष 2017 में ईरान से 2.25 करोड़ टन कच्चा तेल खरीदा था. पिछले वर्ष तक सऊदी अरब और इराक के बाद भारत ने सबसे ज्यादा तेल ईरान से खरीदा था. वर्ष 2018 के पहले तीन-चार महीनों तक ईरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया था. भारत अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है. भारत के लिए ईरान तीसरा बड़ा क्रूड सप्लायर है. पहला नंबर इराक और दूसरा नंबर सऊदी अरब का है.

मई 2015 के मल्टीनेशनल परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग करने के बाद ट्रम्प ने ईरान के बैंकिंग और पेट्रोलियम सेक्टर पर प्रतिबंध लगाया था, जो 4 नवंबर से लागू हो गया. ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि प्रतिबंध के बाद ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर भी कार्रवाई होगी. ट्रम्प के मुताबिक, प्रतिबंध के माध्यम से वे साइबर हमले, बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण, पश्चिम एशिया में आतंकी समूहों के समर्थन जैसी ईरान की 'घातक' गतिविधियों को रोकना चाहते हैं. वे परमाणु समझौते के लिए ईरान को दोबारा बातचीत के लिए बुलाना चाहते हैं.

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