मासिक करेंट अफेयर्स

04 December 2018

जी-20 सम्मेलन 2018 का समापन, भारत 2022 में मेजबानी करेगा

वैश्विक व्यापार को लेकर चल रही तनातनी के बीच जी-20 देशों ने विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) में सुधार पर सहमति व्यक्त की है. सदस्य देशों का कहना है कि यह संगठन वृद्धि और रोजगार सृजन के अपने उद्देश्यों को हासिल करने में असफल साबित हो रहा है. सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त घोषणा-पत्र में इसकी घोषणा की गई. संयुक्त घोषणा पत्र में जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते को 'अपरिवर्तनीय' बताते हुए लागू करने पर सहमति व्यक्त की गई है. हालांकि अमेरिका ने समझौते से हटने के अपने पूर्व के फैसले को ही दोहराया. इस तरह देखा जाए तो जी-20 के 19 सदस्य देशों ने पेरिस जलवायु समझौते का समर्थन किया है.

दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत को वर्ष 2022 के जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी प्राप्त हुई है. प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को जी-20 की मेजबानी मिलने के बाद इटली को धन्यवाद दिया. साथ ही, उन्होंने जी-20 समूह के नेताओं को 2022 में भारत आने का न्यौता दिया. बता दें कि साल 2022 में जी-20 सम्मेलन की मेजबानी इटली को करनी थी लेकिन भारत का आग्रह मानते हुए इटली ने यह अवसर भारत को सौंप दिया है. जी-20 वित्तीय स्थिरता बोर्ड, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन, संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन के साथ मिलकर काम करता है. भारत को जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित करने से आर्थिक एवं कूटनीतिक लाभ हासिल हो सकता है.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका, जापान सहित कई देशों के राष्ट्रध्यक्षों से मुलाकात की. अमेरिका और जापान से बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक नया नारा भी दिया. मोदी ने जय (J A I- जापान, अमेरिका, इंडिया) का नारा दिया. उनके मुताबिक जय का मतलब है सफलता. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वित्तीय अपराध को दुनिया के लिए बड़ा खतरा बताया और इसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 9 सूत्री एजेंडा दुनिया के सामने रखा. पीएम मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लॉड जंकर और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सभी तरह के आतंकवाद से लड़ने के लिए संयुक्त प्रयास समेत भारत-यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. जी-20 शिखर सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों ने रिश्ते मजबूत करने पर चर्चा की.

जी-20 समूह : सितंबर 1999 में जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों ने जी-20 का गठन एक अंतरराष्ट्रीय मंच के तौर पर किया था. यह मंच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के साथ ब्रेटन वुड्स संस्थागत प्रणाली की रूपरेखा के भीतर आने वाले व्यवस्थित महत्वपूर्ण देशों के बीच अनौपचारिक बातचीत एवं सहयोग को बढ़ावा देता है. यह समूह (जी-20) अपने सदस्यों के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग और कुछ मुद्दों पर निर्णय करने के लिए प्रमुख मंच है. इसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल है. जी-20 के नेता वर्ष में एक बार साथ मिलते हैं और बैठक करते हैं.

No comments:

Post a comment