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12 December 2018

भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया, 5,000km तक लक्ष्य भेदने में सक्षम

भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-5 मिसाइल का ओडिशा तट से 10 दिसंबर 2018 को सफल परीक्षण किया. सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 को भारत में ही विकसित किया गया है. स्वदेश में विकसित यह मिसाइल 5,000 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम है. इस मिसाइल का परीक्षण बंगाल की खाड़ी के डॉ अब्दुल कलाम द्वीप पर इंटिग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) के लॉन्च पैड संख्या चार से एक मोबाइल लॉन्चर से किया गया. यह अत्याधुनिक अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सातवां परीक्षण था. इसका पिछला परीक्षण तीन जून, 2018 को हुआ था. जानकारी के अनुसार, अग्नि-5 तीन चरणों में मार करने वाली मिसाइल है जो 17 मीटर लंबी, दो मीटर चौड़ी है और 1.5 टन तक के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. 

इस श्रृंखला की अन्य मिसाइलों के उलट अग्नि-5 मार्ग और दिशा-निर्देशन, विस्फोटक ले जाने वाले अगले हिस्से और इंजन के लिहाज से सबसे उन्नत है. अग्नि-5 की लंबाई 17.5 मीटर है, यह 2 मीटर चौड़ी है जबकि इसका वजन 50 टन है. अग्नि-5 मिसाइल डेढ़ टन विस्फोटक ढोने की ताकत रखती है. इसकी गति ध्वनि की गति से 24 गुना अधिक है. इससे पहले अग्नि-5 का सफल परीक्षण 2012, दूसरा 2013, तीसरा 2015, चौथा 2016, पांचवां जनवरी 2018, छठां जून 2018 एवं सातवां सफल परीक्षण अब किया गया है. अग्नि-5 मिसाइल 3 चरणों में मार करने वाली मिसाइल है. इस मिसाइल को लक्ष्य बिंदु को सटीकता से भेदने के लिए डिजाइन किया गया है. यह मिसाइल उसमें लगे कंप्यूटर से निर्देशित होगा. पृथ्वी और धनुष जैसी कम दूरी तक मार करने में सक्षम मिसाइल के अलावा भारत के मिसाइल बेड़े में अग्नि 1, अग्नि-2 और अग्नि-3 मिसाइल भी हैं.

ऐसा माना जाता है कि भारत द्वारा अग्नि 1, अग्नि-2 और अग्नि-3 मिसाइलों को पाकिस्तान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है जबकि अग्नि-4 एवं अग्नि-5 मिसाइल को चीन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. भारत के अग्नि 5 विकसित करने से यह मिसाइल उत्तरी चीन के लक्ष्य को भेदने में सक्षम बतायी गई है. इससे भारत इंटर कंटीनेन्टल बैलेस्टिक मिसाइल रखने वाले सुपर एक्सक्लूसिव क्लब में शामिल हो चुका है.

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