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10 December 2018

भारत और चीन के मध्य संयुक्त युद्धाभ्यास ‘हैंड-इन-हैंड’ का आयोजन

हाल ही में भारत और चीन की सेनाओं के मध्य आयोजित किये जाने वाले हैंड इन हैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास की घोषणा की गई. इस युद्धाभ्यास के अंतर्गत भारत और चीन की सेनाओं के बीच सैन्य कूटनीति और संपर्क के हिस्से के तौर पर प्रतिवर्ष युद्धाभ्यास हैंड-इन-हैंड आयोजित किया जाता है. यह अभ्यास 10 से 22 दिसंबर तक होगा. इससे पहले ऐसा युद्धाभ्यास भारत और रूस ने सितंबर में रूस के लाइपटेक में किया था. भारत की वायुसेना रूस की सेना के साथ जोधपुर में 'अवलेंद्रा' युद्धाभ्यास करेगी. सातवें भारत-चीन साझा सैन्य अभ्यास 'हैंड इन हैंड' में दोनों तरफ से 100-100 सैनिक हिस्सा लेंगे. अभ्यास आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केन्द्रित होगा. वर्ष 2017 में दोनों देशों के बीच सिक्किम के डोकलाम क्षेत्र में करीब 73 दिन तक गतिरोध चलने के कारण यह अभ्यास करीब एक साल बाद हो रहा है. इस अभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ को बढ़ावा मिलेगा और आतंकवाद से लड़ने की उनकी क्षमताओं में सुधार आएगा. यह अभ्यास 23 दिसंबर तक चलेगा. 

चीन के वूहान में इस साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच संबंध पुन: पटरी पर लौटे. दोनों देशों की सेनाओं के बीच निकटतापूर्ण संबंध बनाना और उसे बढ़ावा देना इस युद्धाभ्यास का लक्ष्य है. दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियों के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास से उनकी क्षमता भी बढ़ती है. युद्धाभ्यास हैंड-इन-हैंड 2018 से दोनों देशों के बीच संबंधों को और भी अधिक मजबूत करने में काफी मदद मिलेगी और यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच जम़ीनी स्तर पर सौहार्द कायम करने में एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा. भारतीय सेना के 11 सिखली से भारतीय पक्ष की सैन्य टुकड़ियों का चयन किया गया है. जबकि तिब्बती सैन्य जिले की एक यूनिट से सैन्य टुकड़ियां इसमें हिस्सा लेंगी. 

वर्ष 2018 के अंत तक भारत पी-5 देशों (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन) के अतिरिक्त ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और आसियान देशों (सिंगापुर, वियतनाम, मलयेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड) के साथ भी अभ्यास कर चुका होगा.

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