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20 December 2018

अस्मां जहांगीर को मरणोपरांत संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार

पाकिस्तान की दिवंगत मानवाधिकार कार्यकर्ता और पेशे से वकील अस्मां जहांगीर सहित चार लोगों को वर्ष 2018 का संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार दिया गया है. पुरस्कार की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फर्नाडा एस्पीनोसा ग्रेसेज ने ट्विटर के माध्यम से की थी. अस्मां जहांगीर के अतिरिक्त जिन तीन लोगों को पुरस्कृत किया गया है उनके नाम - तंजानिया की मानवाधिकार कार्यकर्ता रेबेका जियूमी, ब्राजील की वकील जीनिया वापीचाना और आयरलैंड का मानवाधिकार संगठन फ्रंटलाइन डिफेंडर हैं.

अस्मां जहांगीर यह सम्मान पाने वाली चौथी पाकिस्तानी महिला हैं. इससे पहले बंगम राना लियाकत अली खान (1978), बेनजीर भुट्टो (2008) और मलाला युसूफजई (2013) को यह सम्मान मिल चुका है. अस्मां जहांगीर (66) का दिल का दौरा पड़ने से 11 फरवरी, 2018 को निधन हो गया था. वे पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की पहली महिला अध्यक्ष भी रहीं थीं. पाकिस्तान में उन्हें मानवाधिकारों को लेकर बेबाक राय रखने के लिए जाना जाता था. मानवाधिकारों के लिए उन्होंने सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ी और सेना से भी भिड़ीं थीं.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार मानवाधिकार के क्षेत्र में एक मानद पुरस्कार है जो मानवाधिकार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर दिया जाता है. यह सम्मान 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस के दिन न्यूयॉर्क में आयोजित एक समारोह में दिया गया.

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